Pawan Thakur
Ranchi, 29 September : विश्वास करने में थोड़ा कठिन है पर यह सच है. जी हां जिस व्यक्ति की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हों वह व्यक्ति आज पूरी तरह स्वस्थ है और अपना सारा काम एक सामान्य व्यक्ति की तरह कर रहा है. दरअसल यह कहानी है करबियालौंग के असम पुलिस के जवान उमा शंकर चौहान की है. उमा शंकर चौहान असम पुलिस के जवान हैं और करबियालौंग से पदास्थापित हैं. चौहान बताते हैं कि उनका यह नया जीवन उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं. लखनऊ, दिल्ली, वेल्लौर, चंडिगढ़ आदि जगहों से हार चुके चौहान रांची के डॉक्टर उमा शंकर वर्मा को भगवान का दर्जा देते हैं. उन्होंने बताया कि डॉ वर्मा की दी गयी दवाईयों का सेवन मात्र सात दिन किया और मेरी तबियत में सुधार होने लगी. बता दें कि डॉ उमाशंकर वर्मा कांके रोड स्थित बीएयू के चीफ मेडिकल ऑफिसर सह चेयरमैन हैं.
पेशाब आना भी हो गया था बंद
कुछ महीनों पहले उमा शंकर चौहान को पेट में दर्द, हाथ-पैर में सुजन आदि की शिकायत हुई. उन्होंने करबियालौंग के पुलिस अस्पताल में अपना चेकअप करवाया. जांच में उन्हें पता चला कि उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं. उनका क्रीएटनिन लेवल 12.5 हो गया था. ब्लड प्रेशर 228/129, ब्लड युरिया 290 था, जो कि सामान्य से कहीं ज्यादा है. उनकी पेशाब भी बंद हो गयी थी. वो अपना मूत्र त्याग करने में असमर्थ थे. चौहान ने बताया कि पुलिस अस्पताल ने उन्हें जवाब दे दिया और बाहर बड़े अस्पताल में इलाज करवाने की सलाह दी. साथ ही उन्हें कहा गया कि इलाज से कोई फायदा अब नहीं है. असम पुलिस के जवान ने फिर अपना चेकअप लखनऊ के एम्स अस्पताल में करवाया. वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी. उसके बाद चौहान अपने इलाज के लिए सीएमसी वेलौर और दिल्ली के एम्स गये. पर निराश हो कर लौटे आये. वहां से लौटने के बाद उन्होंने अपना इलाज चंडिगढ़ के एक अस्पताल में करवाया. चंडिगढ़ में इलाज के दौरान उन्हें किसी ने बताया कि रांची के डॉक्टर यूएस वर्मा के पास चले जाईये. आपका इलाज हो जाएगा.
मई 2017 में रांची पहुंचे चौहान
हर जगह से उम्मीद हार चुके उमाशंकर चौहान गंभीर अवस्था में रांची पहुंचे. उनकी हालत काफी खराब हो चुकि थी. रांची पहुंच कर कचहरी चौक स्थित यूएस पॉलिक्लिनिक में चौहान ने डॉक्टर उमा शंकर वर्मा से भेंट की. उन्होंने अपनी सारी कहानी और तकलीफ डॉक्टर वर्मा को बताया. कांके रोड स्थित बीएयू के चीफ मेडिकल ऑफिसर सह चेयरमैन डॉक्टर उमा शंकर वर्मा ने चौहान का सारा रिपोर्ट देखा. जिसमें उन्होंने पाया कि उनका क्रीएटनिन लेवल 12.5 था. ब्लड प्रेशर 228/129, ब्लड युरिया 290 था. सामान्य आदमी का क्रीएटनिन 0.67 से 1.13 तक रहता है, वहीं ब्लड प्रेशर 120/80 रहता है. डॉक्टर वर्मा ने देखा कि मरीज उमा शंकर चौहान पेशाब भी नहीं कर पा रहा है. उसका पेशाब आना पूरी तरह बंद हो गया था. वहीं उसके हाथ और पैरों में सूजन हो गयी थी. डॉक्टर वर्मा ने चौहान को स्वस्थ करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कुछ जांच करवा कर इलाज शुरु कर दिया.
सात दिनों में सुधरने लगी तबियत
असम पुलिस के जवान उमाशंकर चौहान ने बताया कि असाध्य एवं पुराने रोगों के डॉ उमा शंकर वर्मा द्वारा दिये गये दवाईयों का सेवन करने से महज सात दिनों में उनकी तबियत में सुधार होने लगी. उनका पेशाब आना भी फिर से शुरु हो गया. चौहान आज एक आम आदमी की तरह दिन में लगभग पांच से सात बार पेशाब करते हैं. अभी उनका क्रीएटनिन लेवल 12.5 से घट कर 2.7 पर आ गया है. वहीं, ब्लड प्रेशर भी अब नार्मल रहता है. उनका हिमोग्लोबिल अभी 10.5 है.
सिर्फ 25 हजार रुपयें में हो गया इलाज
उमाशंकर चौहान बताते हैं कि वो इस बात से काफी खुश हैं कि रांची में उनका इलाज काफी कम खर्च में हो गया. उन्होंने बताया कि लखनऊ, दिल्ली, वेल्लौर, चंडिगढ़ आदि जगहों पर इलाज में लाखों रुपये खर्च हो गये. जिससे उनकी माली हालत भी खराब हो चली थी. इतने पैसे खर्च होने पर भी नतीजा जीरो रहा. वहीं रांची में डॉ वर्मा के इलाज में महज 25 हजार रुपये खर्च हुए. बता दें कि 25 हजार रुपये में जांच, दवा इत्यादि शामिल हैं.




