
Ranchi : मांडर विधायक बंधु तिर्की ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने झारखंड अधिविध परिषद(जैक) में वर्षों से कार्यरत दैनिक कर्मियों व अनुबंध कर्मियों की सेवा स्थायी करने की मांग की है.
श्री तिर्की ने भेजे पत्र में कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी 10 वर्ष या उससे अधिक दिनों से अपनी सेवा दैनिक, संविदा व अनुबंध कर्मी के रूप में दे रहे कर्मचारियों की सेवा स्थायी करने की बात कही गयी है.
झारखंड अधिविध परिषद स्वशासी संस्था(ऑटोनोमस बॉडी) है. परिषद में कार्यरत कर्मियों के स्थायीकरण से सरकार पर इसका कोई वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा.
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मालूम हो कि झारखंड सरकार द्वारा परिषद में 352 पद स्वीकृत हैं. वर्तमान में झारखंड अधिविध परिषद में नियमित कर्मी की संख्या-56 है. मृत दैनिक कर्मी के आश्रित-02 एवं दैनिक कर्मियों की संख्या 247 है.
श्री तिर्की ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि झारखंड अधिविध परिषद में कर्मियों के सेवा लेने के संबंध में वे सारी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है जो स्थायी नियुक्त कर्मियों के लिए किया जाता है जैसे दैनिक कर्मी जिनकी मृत्यु के बाद उनके आश्रित को अनुकम्पा पर प्रबंधन द्वारा नियुक्ति की गयी है.
झारखंड राज्य गठन के बाद से निरंतर 20 वर्षों से दैनिक कर्मी अपनी सेवा झारखंड अधिविध परिषद को देते आ रहे हैं. इनमें अधिकतर की नियुक्ति उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है या होने के कगार पर है.
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