
NewDelhi : अरुण जेटली केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे. बता दें कि शपथ ग्रहण से पहले केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. जिसमें जेटली ने अपील की है कि उन्हें मंत्री बनाने का विचार ना किया जाये. जेटली ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए लिखा कि पिछले 18 महीने से उनकी तबीयत खराब है ऐसे में वह जिम्मेदारी को नहीं निभा पायेंगे. इसलिए उन्हें मंत्री बनाने पर कोई विचार ना करें.
अपने ट्विटर पर उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र की कॉपी साझा की है. उन्होंने कहा, पिछले पांच सालों में आपके कार्यकाल का हिस्सा होना मेरे लिए काफी सम्मान की बात है और यह सीखने वाला अनुभव रहा. इससे पहले भी एनडीए की पहली सरकार के दौरान पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी थी. पार्टी के संगठन और विपक्ष में रहने के दौरान भी मैंने कुछ जिम्मेदारियां संभाली. मैं इससे ज्यादा की मांग नहीं कर सकता हूं.
मैं नयी सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता
अरुण जेटली ने कहा, ‘पिछले 18 महीनों से मैं कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं. हालांकि मेरे डॉक्टरों ने मुझे कई बीमारियों से उबार लिया है. चुनाव अभियान के बाद जब आप केदारनाथ के लिए रवाना हो रहे थे तब मैंने आपको मौखिक रूप से बताया था कि चुनाव अभियान के दौरान मिली जिम्मेदारियों से मैं मुक्त हो रहा हूं.
भविष्य में मैं कुछ समय के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं चाहता हूं. इससे मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का समय मिलेगा.
जेटली ने लिखा, आपके नेतृत्व में भाजपा और एनडीए को प्रचंड जीत मिली है. नयी सरकार कल शपथ लेगी.
मैं आपको यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि औपचारिक तौर पर आपसे अपने लिए, अपने इलाज और अपने स्वास्थ्य के लिए एक वाजिब समय दिये जाने की इजाजत ले सकूं. इसी कारण मैं नयी सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता. कोई जिम्मेदारी न होने से मेरे पास अनौपचारिक तौर पर सरकार और पार्टी का समर्थन करने के लिए समय रहेगा.




