
Ranchi: सरायकेला-खरसावां जिले की महिला पत्रकार पुलिस एवं प्रशासन से न्याय न मिलने से निराश होकर शनिवार को जिला मुख्यालय के समीप धरने पर बैठ गयी.
महिला पत्रकार का नाम सुकांति साहू है और वह विकल्प मीमांसा पत्रिका की पत्रकार है. उनका आरोप है कि सुकांति ने अपने व अपने परिवार पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ जिले के तमाम पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ राज्यपाल को भी अवगत कराया है. इसके बावजूद पत्रकार के परिवार को सुरक्षा देने के बजाय पुलिस उसकी मां एवं पत्रकार पर झूठा मुकदमा दर्ज कर अपराधियों को संरक्षण देने में लगी हुई है.
आरोप है कि सुकांति का चचेरा भाई सुनील साहू अपराधिक प्रवृत्ति का है और पूर्व में भी उसके पिता की हत्या में शामिल रहा है. पिता की गैरमौजूदगी में दो छोटी बहन और एक भाई के साथ विधवा मां की जिम्मेवारी उठा रही सुकांति अपने जायदाद को अपराधी चचेरे भाई से बचाने के खातिर दर-दर की ठोकरें खा रही हैं.
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सुकांति का गांव खरसावां थाना अंतर्गत आमदा ओपी क्षेत्र में पड़ता है. सुकांति ने बताया कि अपने चचेरे भाई की दहशत से बचाने के लिए वह अपनी मां और अपने भाई को दिन भर गांव से बाहर सरायकेला की सड़कों पर घूमाती रहती है. शाम होने पर चुपचाप घर के भीतर घुसकर दरवाजा बंद कर लेती है.
उसने बताया कि कई बार पुलिस के समक्ष इंसाफ की गुहार लगा चुकी है, लेकिन पुलिस उल्टा अपराधी को ही साथ दे रही है. सुकांति की मां आंगनबाड़ी सेविका है.
उसने बताया कि उसके परिवार को प्रताड़ित करने के पीछे सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी का भी अहम रोल है. उसने दुर्गेश नंदिनी पर स्थानीय पत्रकारों को उसके खिलाफ भड़का दिया है, और उसे पत्रकार मानने से इनकार करते हुए झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया है.
उसने दुर्गेश नंदिनी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराए जाने की मांग की है.
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