
Palamu : झारखंड के पलामू जिले में मनातू प्रखंड के डुमरी में 18 दलितों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी की गयी है. फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने के दो वर्ष बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी. जिसके बाद पीड़ित रूपये वापस दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई के लिए थानों का चक्कर लगा रहे हैं.
पिता पुत्र पर ठगी का आरोप
पीड़ितों ने बताया कि तरहसी निवासी शैलेन्द्र पांडे और उनके पुत्र सुबोध पांडेय उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया और लाखों रूपये ले लिए. 8 लाख 15 हजार रूपये की ठगी की गयी है. उनसे कृषि विभाग और होमगार्ड में नौकरी लगाने की बात कही गयी थी. नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से 30 हजार से 65 हजार रूपये तक लिए गये हैं.
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लोगों ने कहा कि उन्हें नौकरी का ऐसा प्रलोभन दिया गया कि वे लोग ठगों के जाल में फंसते चले गए. रूपये लेने के बाद उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया गया. संबंधित विभाग में जाने पर उन्हें वहां से भगा दिया गया. पैसा वापस मांगने पर शैलेन्द्र पांडे और सुबोध पांडेय कहते हैं कि उन्हें किसी तरह का कोई पैसा नहीं मिला है.
ठगी के शिकार लोगों ने बुधवार को तरहसी थाना में जाकर शैलेन्द्र पांडे और सुबोध पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. थाने जाने के बाद भी उनके आवेदन को रिसीव नहीं किया गया.
इधर, तरहसी थाना प्रभारी बाजून हेंब्रम ने कहा कि यह मामला मनातू थाना क्षेत्र का है. मनातू थाना में ठगी के शिकार लोग लिखित आवेदन दें. या फिर जिला मुख्यालय में जाकर वरिय अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत करें.
इधर, इस संबंध में सुबोध पांडेय उर्फ छोटू पांडेय ने कहा कि उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया हैं. उनके ऊपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है.
किससे कितनी की हुई ठगी
नौकरी के नाम पर विपती देवी से 25 हजार, विनोद तूरी से 40 हजार, हीरा तूरी से 30 हजार, अनरवा कुंवर से 30 हजार, उपेन्द्र तूरी से 35 हजार, द्वारिका तूरी से 40 हजार, ललन तूरी से 38 हजार, सुरेन्द्र तूरी से 35 हजार, अंदेश पासवान से 37 हजार, संतू पासवान से 65 हजार, अमरेश तूरी से 40 हजार, संदीप तूरी से 35 हजार और महेश तूरी से 25 हजार रूपये लिए गए हैं. सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं. कुल आठ लाख 15 हजार रूपए की अवैध वसूली की गयी है.




