
Ranchi: कुख्यात नक्सली महाराज प्रमाणिक के समर्पण के बाद भाकपा माओवादी संगठन का 25 लाख का इनामी नक्सली उमेश यादव उर्फ विमल भी सरेंडर कर सकता है. विमल कई दिनों से बूढ़ा पहाड़ से गायब है. बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों के लिये सुरक्षित गढ़ बनाने में विमल का बड़ा योगदान है. बताया जाता है कि संगठन ने विमल का पर कतरने की कोशिश की है. यहां तक बताया जा रहा है कि उसका हथियार तक छीन लिया गया है. जिसके बाद से वह बूढ़ा पहाड़ से गायब है और सरेंडर करने की तैयारी में है.
मालूम हो कि झारखंड का बूढ़ा पहाड नक्सलियों के लिए सेफ जोन है. यहां से नक्सली झारखंड के साथ ही पड़ोसी राज्यों तक आवाजाही करते हैं. नक्सली एक राज्य में वारदात कर दूसरे राज्य में पहुंच कर सुरक्षित हो जाते है. विमल 52 किलोमीटर के फैले जंगल को अच्छी तरह से समझता है. बताया जाता है कि बूढ़ा पहाड़ पर अब तक नक्सली बचे रहें उसके पीछे विमल का हाथ रहा है. विमल ने कई बार दस्ते को पुलिस से बचाया है और कई बार पुलिस पर हमला भी किया है.
इसे भी पढ़ेंःरांची के सुखदेवनगर स्थित कैलाश मंदिर के समीप सात राउंड फायरिंग, पुलिस कर रही है पूछताछ
उल्लेखनीय है कि बूढ़ा पहाड़ में रहने वाला शीर्ष माओवादी और एक करोड़ के इनामी नक्सली अरविंद की मौत 2018 में हो गई थी. उसके बाद से ही बूढ़ा पहाड़ की कमान संगठन ने विमल को दे दिया था. भाकपा माओवादी संगठन को हाल के दिनों में कई बड़े झटके लगे हैं. विमल का सरेंडर नक्सलियों के बड़ा झटका होगा.
सुरक्षाबलों ने कई नक्सलियों को मार गिराया है लेकिन संगठन को छोड़कर भाग रहे नक्सली से बड़ा नुकसान पहुंचा है. कुछ इसी तरह पिछले दिनों खबर आई थी की हार्डकोर नक्सली महाराज प्रमाणिक संगठन छोड़कर भाग चुका है और सरेंडर कर सकता है. इसके बाद महाराज प्रमाणिक ने सरेंडर कर दिया. हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है. अब इसी तरह की खबर विमल से जुड़कर आ रही है.




