
Ranchi : गिरीडीह जिला स्थित बगोदर के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) नरेश प्रसाद गुप्ता पर कार्रवाई हुई है. कोरोना से निपटने, लॉकडाउन का अनुपालन कराने तथा लोगों को राहत पहुंचाने में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलबिंत कर दिया गया है.
राज्यव्यापी लॉकडाउन लगने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पदाधिकारी पर इस तरह की कार्रवाई की गयी है. यह कार्रवाई स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा की गयी है.
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निरीक्षण में ड्यूटी से नदारद पाये गये निलंबित अधिकारी
बता दें कि लॉकडाउन का सही तरीके से अनुपालन कराने सहित जिले में खाद्यान्न की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए गिरीडीह डीसी ने एक उड़नदस्ता दल का गठन किया था. इस दल का जिम्मा निलंबित अधिकारी को दी गयी थी.
लेकिन जब उनके कामों की जांच की गयी, तो वे निरीक्षण के क्रम में ड्यूटी से नदारद पाए गए. निलंबित पदाधिकारी पर यह भी आरोप है कि इन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश का भी उल्लंघन किया था. जिसके बाद उनपर यह कार्रवाई की गयी है.
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स्वास्थ्य विभाग के आदेश भी नहीं माने थे बीईईओ
इससे पहले लॉकडाउन की अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने सभी पदाधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश दिया था. इसके बावजूद नरेश प्रसाद गुप्ता मुख्यालय से भी गायब पाए गए. इसके अलावा बच्चों के बीच मिड डे मील के बदले चावल वितरण कार्य की भी इनके द्वारा कोई मॉनिटरिंग नहीं की गयी.
विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध अविलंब निलंबन की कार्रवाई की. बता दें कि लॉकडाउन की अवधि में राज्य सरकार और विभागों द्वारा सभी अधिकारियों को सौंपे गये कार्यों की सही तरीके से निपटाने का निर्देश दिया गया है. वहीं समय-समय पर निरीक्षण द्वारा इन अधिकारियों के कामों की जांच भी की जा रही है.
इससे पहले भी गोड्ड़ा जिला प्रशासन ने जिले के 6 प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर कामों पर लापरवाही बरतने के आरोप में शोकॉज नोटिस जारी किया था.
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