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आडवाणी, जोशी चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं, भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में आज फैसला संभव  

 NewDelhi :  2019 लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक आज शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में होने जा रही है. खबर है कि बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के प्रचार अभियान पर मंथन होगा. भाजपा के एक नेता ने जानकारी दी कि लोकसभा चुनाव को लेकर होने वाली बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल रहेंगे. बता दें कि भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर की गयी एयर स्ट्राइक को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच भारतीय जनता पार्टी की  बैठक हो रही है. दिल़्ली की सत्ता पर काबिज भाजपा और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के बीच बालाकोट एयर स्ट्राइक को लेकर जम कर बयानबाजी चल रही है. कुछ विपक्षी नेता एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार से सबूत मांग रहे हैं. भाजपा सूत्रों के अनुसार बैठक में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विभिन्न मुद्दों पर मंथन करेगा,  ताकि आने वाले दिनों में पार्टी के एजेंडे को लेकर चुनाव प्रचार अभियान को तेज किया जा सके.

मंथन इस बात पर भी होगा कि विपक्षी दलों से निपटने की रणनीति कैसे दुरुस्त की जाये.   लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी संसदीय बोर्ड की यह पहली बैठक है. खबर है कि  बैठक में यह भी फैसला हो सकता है कि भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और मेजर जनरल बीसी खंडूरी को लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं.

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पार्टी ने अपने सभी मौजूदा सांसदों से रिपोर्ट कार्ड मांगा है

सूत्र बताते हैं कि पार्टी यह फैसला ले सकती है कि इन वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़वाने की जगह आरआरएस के साथ सलाह मशविरा करने में लगाया जायेगा. साथ ही  बैठक में राज्यसभा के मौजूदा सांसदों और विधायकों को टिकट देने या न देने पर भी फैसला संभव है.  बता दें कि लोकसभा चुनाव के आलोक में पार्टी ने अपने सभी मौजूदा सांसदों से रिपोर्ट कार्ड मांगा है. इसके लिए पार्टी की ओर से बाकायदा फॉर्म जारी किया गया है. पार्टी आलाकमान ने अपने सांसदों को फॉर्म भरने के लिए दिया गया है, जिसमें उनको अपने पांच  साल के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा का विवरण देना होगा. फॉर्म में सांसदों को यह बताना होगा कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में पिछले पांच साल में कौन-कौन से विकास कार्य किये.  सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से संचालित सबसे सफल पाचं योजनाओं का भी ब्यौरा देना होगा. इसके अलावा इन सांसदों को अपने क्षेत्र के शहीदों की जानकारी भी देनी होगी. सांसदों से यह भी पूछा गया है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा ताकतवर विपक्षी दल कौन है.

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