
Hazaribagh : हज़ारीबाग नगर निगम की मेयर रौशनी तिर्की ने डिप्टी मेयर राज कुमार लाल व कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाये हैं. मेयर ने प्रेस वार्ता कर बताया कि आदिवासी महिला होने के कारण डिप्टी मेयर और कार्यपालक पदाधिकारी मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं. साथ ही मेयर के पद से पदमुक्त करने की साजिश रच रहे हैं.
मुख्यमंत्री को दी गयी है पूरी जानकारी
रौशनी तिर्की ने बताया कि बिना मेरे जानकारी के नियमों को ताख पर रख कर वार्ड पार्षद को सभापति बना कर 549 करोड़ रुपये की बजट योजना को पास कर दिया गया है, जो झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 75 के तहत वार्ड पार्षद को सभापति बना कर बजट पारित किया जाना नियम विरुद्ध है. मेयर रोशनी तिर्की ने बताई कि इस पूरे मामले को नगर विकास विभाग से लेकर सरकार तक को पत्र लिख कर जानकारी दे दिया गया है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. विभाग से जवाब नहीं मिलने पर सीएम रघुवर दास से भी मुलाकात कर इसकी जानकारी दी है. सीएम ने कहा है कि मामला गंभीर है, जल्द इस विषय पर जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी.
आरोप बेबुनियाद व झूठा : डिप्टी राजकुमार लाल
इधर इस पूरे मामले से उपमहापौर राजकुमार लाल ने इनकार किया है. राजकुमार लाल ने कहा कि हमने हमेशा महापौर को हर काम में सहयोग किया है. चाहे जो भी हो, लेकिन नगर निगम में यह अंतर्कलह कुछ महीनों से चल रहा है. जिसकी भनक और चर्चाएं पूरे शहर में की जा रही है. इस पूरे मामले में अब शहर के सभी लोग नगर पालिका की पुरानी इतिहास को याद कर रहें हैं. आपको ज्ञात हो कि वर्ष 2009 में हज़ारीबाग नगरपालिका अध्यक्ष की पद पर आसीन अंजलि देवी को पद से पदमुक्त कर वर्त्तमान सदर विधायक मनीष जायसवाल 2009 में नगरपालिका के उपाध्यक्ष पद से अध्यक्ष बने थे. उस समय भी तत्कालीन अध्यक्ष अंजलि देवी ने वर्त्तमान सदर विधायक मनीष जायसवाल पर एससी महिला को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था.
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