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तीन से छह महीने भी टिक नहीं पा रहे आइएफएस, दो से तीन बार बदले गये

  • पीसीसीएफ से लेकर डीएफओ तक के अफसरों का हुआ है तबादला

 Ravi Aditya

Ranchi: सीएम के अधीन वन विभाग में तबाड़तोड़ तबादले किये जा रहे हैं. आइएफएस अफसर तीन से छह माह भी एक जगह टिक नहीं पा रहे हैं. हालत यह है कि तीन से छह माह के अंदर एक अफसर का तीन बार तबादला हुआ. दिलचस्प यह भी है कि पलामू टाइगर रिजर्व में जिस दिन कैमरा ट्रैप में बाघ दिखा और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हुई, उसके दूसरे दिन ही पलामू टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ मोहन लाल का ताबदला कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार वन विभाग बाघ दिखने की तस्वीर डिस्क्लोज नहीं करना चाहता था. क्योंकि इसके पहले वन विभाग ने पीटीआर में बाघ नहीं होने की रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी थी.

सिविल सर्विसेस गाइड का भी उल्लंघन

आइएफएएस के तबादले में सिविल सर्विसेस गाइड लाइन का भी उल्लंघन हो रहा है. नियम यह है कि किसी अफसर को दो साल के पदस्थापन के बाद ही तबादला किया जा सकता है. लेकिन नियम में यह भी है कि विशेष परिस्थिति में राज्य सरकार तबादला कर सकती है. लेकिन इसके लिये लिखित कारण बताना होगा.

कौन अफसर 3 से 6 माह के अंदर कितने बार बदले गये

पीके वर्मा (पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ) : पीके वर्मा जब पीसीसीएफ रैंक में प्रोन्नति मिली तब उन्हें बायोडायवर्सिटी बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया. ठीक तीन माह के अंदर फिर उन्हें पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के पद पर पदस्थापित कर दिया गया.

अशोक कुमार (मुख्य वन संरक्षक) : अशोक कुमार ओरमांझी जैविक उद्यान में निदेशक के पद पर थे. फिर उन्हें सीसीएफ राजपत्रित के पद पर पदस्थापित किया गया. फिर गृह कारा आपदा विभाग में विशेष सचिव बनाया गया. इसके बाद फिर उन्हें सीसीएफ गडेटेड की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.

वाइके  दास (मुख्य वन संरक्षक): वाइके दास पहले आरसीसीएफ पलामू के पद पर पदस्थापित थे. फिर उन्हें 18 फरवरी को पीटीआर का निदेशक बनाया गया.

डॉ मोहन लाल (मुख्य वन संरक्षक) : डॉ मोहन लाल पहले सीसीएफ गजेटेड के पद पर पदस्थापित थे. फिर उन्हें निदेशक पीटीआर बनाया गया. 18 फरवरी को फिर उनका तबादला कर आरसीसीएफ पलामू बना दिया गया.

अजीत कुमार सिंह (वन संरक्षक) : पहले गुमला में सीएफ थे. उन्हें देवघर का सीएफ बनाया गया. फिर उनका तबादला हजारीबाग सीएफ के पद पर कर दिया गया.

ममता प्रियदर्शी (डीएफओ) : ममता प्रियदर्शी पहले देवघर डीएफओ थीं. इसके बाद ममता का तबादला गढ़वा साउथ किया गया गया. फिर इसके बाद उनका तबादला कर गिरिडीह ईस्ट कर दिया गया.

सत्यम कुमार (डीएफओ) : सत्यम कुमार गिरिडीह ईस्ट के डीएफओ थे. फिर इनका तबादला चाईबासा डीएफओ के पद पर कर दिया गया.

प्रेमजीत आनंद (डीएफओ) : प्रेमजीत आनंद पाकुड़ में डीएफओ थे. छह महीने के अंदर इनका तबादला देवघर डीएफओ के पद पर किया गया.

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