
Kocchi : केरल में कोचीन यूनिवर्सिटी ने उत्तर भारतीय छात्रों को कैंपस में सरस्वती पूजा की अनुमति नहीं दी है. यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से विवाद खड़ा हो गया है. यूनिवर्सिटी के वीसी के अनुसार कैंपस धर्मनिरपेक्ष है इसलिए हम अपने परिसर में ऐसी किसी भी धार्मिक गतिविधियों की इजाजत नहीं दे सकते हैं. जानकारी के अनुसार कुछ उत्तर भारतीय छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में सरस्वती पूजा करने की इच्छा जाहिर करते हुए इसकी अनुमति मांगी थी; लेकिन कुलपति ने छात्रों की मांग को मानने से मना कर दिया. मामला कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी के कुट्टनड़ कैंपस का बताया जा रहा है. यहां के कुछ उत्तर भारतीय छात्रों ने 25 जनवरी को कुलपति (वीसी) को पत्र लिखकर बसंत पंचमी के मौके पर सरस्वती पूजा करने के लिए 9 से 11 फरवरी तक इजाजत मांगी थी.
धर्मनिरपेक्ष कैंपस में किसी धर्मविशेष के समारोहों को अनुमति नहीं दी जा सकती
लेकिन वीसी ने यह कहते हुए उनकी मांग खारिज कर दी कि यह धर्मनिरपेक्ष कैंपस है, और इसमें किसी धर्मविशेष के समारोहों को अनुमति नहीं दी जा सकती. इस संबंध में ज्वाइंट रजिस्ट्रार का कहना है कि यूनिवर्सिटी में किसी खास धर्म के कार्यक्रम का आयोजन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. बता दें कि इस बार बसंत पंचमी 10 फरवरी को है इस दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व होता है. इससे पहले पिछले साल लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय यूनिवर्सिटी में भी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद आयोजन को रद्द करना पड़ा था. इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी विवाद हो चुका है.
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