
Ranchi : अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने घोषणा की है कि उनकी इन मांगों को जल्द ही सरकार के समक्ष रखा जायेगा. संघ के अध्यक्ष विवेक आंनद बास्के ने कहा कि अगले 15 दिनों के अंदर सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो संघ सदस्य आंदोलन का रास्ता अपनायेंगे. यह निर्णय रविवार को हटिया स्थित पशुपालन भवन में आयोजित संघ की आम सभा में हुआ. निर्णय हुआ कि मांग नहीं माने जाने पर 20 फरवरी से संघ सदस्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित करेगा. बैठक में संघ की नयी कार्यकारिणी के लिए चुनाव समिति का भी गठन किया गया है.
ये हैं संघ की मांगें
बैठक में उपस्थित संघ महासचिव पिकेश कुमार सिंह ने सभा के समक्ष एजेंडा में शामिल कुल 16 मांगों पर एक प्रस्ताव रखा. सभी प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत निर्णय लिया गया कि सभी मांगों पर सरकार के समक्ष आंदोलन करना उचित नहीं है. ऐसे में संघ सदस्य सरकार के समक्ष चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनात्मक कार्यक्रम करेंगे. ये मांगें हैं-
- सचिवालय सेवा के सभी रिक्त पदों को नियुक्ति एवं प्रोन्नति के माध्यम से भरना
- केंद्र के अऩुरूप पद का सृजन करना
- पुरानी पेंशन योजना को लागू करना
- फिटमेंट टेबल लागू करना
मांगें पूरी नहीं होने पर होगा आंदोलनात्मक कार्यक्रम
आम सभा में इस बात पर भी रणनीति बनी कि अगर सरकार उपरोक्त चार सूत्री मांगों को पूरा नहीं करती है, तो निम्न आंदोलनात्मक कार्यक्रम किया जायेगा-
- 20 फरवरी को प्रोजेक्ट भवन में दो घंटे का रोषपूर्ण कार्यक्रम
- 22 फरवरी को पूरे दिन की कलमबंद हड़ताल
- 27 फरवरी को सामूहिक अवकाश
इसके बाद भी सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है, तो संघ सदस्य अनिश्चितकालीन अवकाश पर जाने को बाध्य होंगे.
चुनाव समिति की हुई घोषणा
बैठक में संघ की नयी कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनाव समिति की भी घोषणा की गयी. समिति में शामिल सदस्य निम्न हैं-
- योजना सह वित्त विभाग में कार्यरत अखिलेश कुमार बने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
- गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में कार्यरत अविनाश चंद्र ठाकुर और जल संसाधन विभाग में कार्यरत विजय नारायण एवं संजय कुमार बने उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
- समिति में सदस्य के रूप में चुने गये सदस्यों में पर्यटन विभाग के ब्रजेश कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के विपिन कुमार एवं मोदस्सर इमाम शामिल हैं.
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