
Palamu: पलामू जिले के 22 बालू घाटों में से लगभग 80 प्रतिशत घाटों की बंदोबस्ती का एकरारनामा आज समाप्त हो जायेगा. एकरारनामा समाप्त होने के बाद बालू घाटों से अवैध उठाव की संभावना बढ़ जायेगी. बालू की तस्करी और इससे नाजायज कमाई भी बढ़ेगी. अधिकारियों और बालू माफिया का गठजोड़ पूरी तरह हावी हो जायेगा. इससे नदियों का स्वरूप बिगड़ने की पूरी संभावना है.
मनमानी कीमतों पर बिकेगा बालू
जिले की कोयल, अमानत, तलहे, बतरे, सदाबह सहित अन्य नदियों से जैसे तैसे बालू का उठाव होगा. वहीं इसकी कीमतों में भी मनमानी हो जायेगी. सूत्रों का कहना है कि बालू घाटों का एकरारनामा निर्धारित तिथि पर समाप्त होने का इंतजार बालू माफिया काफी दिनों से कर रहे थे. क्योंकि जिले के विभिन्न घाटों से बालू उठाव के बाद बड़े पैमाने पर पड़ोसी राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है.
एकरारनामा समाप्त होने का नहीं हुआ आदेश जारी
खनन विभाग द्वारा एकरारनामा समाप्त होने के बाद उठाव नहीं करने से संबंधित कोई आदेश नहीं जारी किया गया है. इस वजह से उम्मीद व्यक्त की जा रही है, जिनके नाम पर पूर्व में एकरारनामा है, वे अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बालू का उठाव नियमित रूप से करते रहेंगे.
राजस्व का होगा भारी नुकसान
जिले के 22 बालू घाटों से सरकार को रॉयल्टी के रूप में हर महीने लाखों रूपये का राजस्व प्राप्त होता है. अगर एकरारनामा समाप्त होने के बाद भी बालू माफिया घाटों से उठाव करते रहें तो सरकार को करोड़ों रूपये के राजस्व नुकसान होगा. पूर्व का रिकार्ड रहा है कि नियम विरूद्ध रातों में भी बालू का उठाव किया जाता रहा है. कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई कर अंकुश लगाने के लिए घाटों पर छापामारी की गयी और बालू से भरे वाहन जब्त किये गये हैं. लेकिन इसका कोई ठोस और दूरगामी प्रभाव अबतक नहीं पड़ा. आज भी बालू घाटों से रातों में प्रतिदिन उठाव हो रहा है.
अब जेएसएमडीसी करेगा बालू घाटों की बंदोबस्ती
खनन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने खनन नियम में बदलाव करते हुए अब बालू घाटों की बंदोबस्ती और घाटों की देख-रेख का जिम्मा जेएसएमडीसी से कराने का निर्णय लिया है. इसके तहत घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया जेएसएमडीसी के स्तर से होगी. अभी जिले में 22 घाटों में लगभग 18-19 घाटों का एकरारनामा समाप्त हो गया. शेष बचे घाटों का एकरारनामा 31 मार्च को और एक-दो घाटों का एकरारनामा मई में समाप्त होगा. उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि जेएसएमडीसी जिले के सभी बालू घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया मई के बाद शुरू करेगा. प्रशासनिक व्यवस्था अगर ठीक नहीं रहा तो मई माह तक बालू का यूं ही अवैध उठाव होते रहने की संभावना है.
डीएमओ बने नोडल पदाधिकारी
नियम में बदलाव के बाद जिला खनन पदाधिकारी अब बालू घाटों के नोडल पदाधिकारी होंगे. इससे संबंधित आदेश जारी हो गया है. खनन पदाधिकारी अब ज्यादातर माईंस के लीज नवीकरण से संबंधित मामलों को ही देखेंगे. बालू घाटों का जिला खनन पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी की हैसियत से सिर्फ उचित देख-रेख और अवैध उठाव को रोकने की दिशा में ही काम करेंगे.
क्या कहना है खनन पदाधिकारी का?
जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो ने बताया कि जिन बालू घाटों का एकरारनामा समाप्त हो गया है, उन घाटों से अगले आदेश तक बालू का उठाव किसी भी हाल में नहीं करना है. अगर कोई एसा करता है, तो उसके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि सरकार का जो गाइडलाईन होगा, उसके तहत ही नये सिरे से बालू घाटों की बंदोबस्त की जायेगी.
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