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चारा घोटाला : दुमका कोषागार से तीन करोड़ ग्यारह लाख की फर्जी निकासी मामले में फैसला टला, 16 को आ सकता है

Ranchi :  चारा घोटाला में दुमका कोषागार से तीन करोड़ ग्यारह लाख की फर्जी निकासी मामले में अब फैसला 16 मार्च को आ सकता है.  इस मुकदमे में आज 15 मार्च को आने वाला फैसला टल गया है.  राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर 96 फर्जी वाउचर के जरिये दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से तीन करोड़ 11 लाख की अवैध निकासी का आरोप है. राशि पशुओं के खाने के सामान, दवा और कृषि उपकरण के बांटने के नाम पर निकाली गयी थी. बता दें कि इस मामले में सुनवाई पांच मार्च को ही पूरी हो गयी थी.  जानकारी दी गयी है कि लालू प्रसाद यादव ने तत्कालीन एजी पीके मुखोपाध्याय, डीएन झा और डायरेक्टर जनरल को अभियुक्त बनाने के लिए पीटीएम दायर किया है.  इससे पूर्व अब तक तीन मामलों में सजा सुना दी गयी है.

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चाईबासा के दो मामलों में पांच-पांच साल,  देवघर मामले में साढ़े तीन की सजा सुनायी जा चुकी है

चाईबासा के दो मामलों में पांच-पांच साल,  देवघर मामले में साढ़े तीन की सजा सुनायी जा चुकी है. 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. लालू प्रसाद यादव फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.  कोर्ट में सुनवाई  की सूचना मिलते ही रमई राम लालू यादव से मिलने पहुंचे थे. इसके अलावा राजद के कई कार्यकर्ता लालू यादव से मिलने के लिए पटना से रांची आये थे. सीबीआई ने मामले की जांच के बाद 48 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है. इस मामले में 14 आरोपितों की मौत हो गयी है.  3.11 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के ट्रायल फेस करने वालों  में लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र, जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत, आरके राणा और विद्यासागर निषाद हैं.   

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सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था

19 मार्च 1996  को  सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था. इसके  बाद सीबीआई ने दुमका कोषागार से  की गयी निकासी के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की थी. इससे पूर्व दुमका जिला प्रशासन ने भी एफआइआर दर्ज करायी थी. वर्ष 2000  में 48 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के द्वारा चार्जशीट दायर की गयी थी.

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