
Lohardaga : पारा शिक्षकों के राज्य भर में आंदोलन के तहत लोहरदगा में भी 830 पारा शिक्षकों की हड़ताल पर रहने की वजह से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है. जिले के 83 स्कूलों में ताला लटका हुआ है. ऐसे में बच्चों के भविष्य को देखते हुए नक्सलियों के विरुद्ध अभियान चलाने वाली सीआरपीएफ 158 बटालियन के जवानों ने अब शिक्षा व्यवस्था की कमान भी संभाल ली है. इससे संबंधित तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं.
अभिभावक कर रहे हैं सीआरपीएफ जवानों की इस पहल की प्रशंसा
सीआरपीएफ के जवान एक शिक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं. लोहरदगा जिले के सुदूरवर्ती जंगली और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक केकरांग प्राथमिक विद्यालय में सीआरपीएफ के जवानों ने एक शिक्षक की भूमिका निभाई है. जहां उन्होंने बच्चों की कक्षाएं लेकर उन्हें सिखाने और पढ़ाने की कोशिश की है. स्थानीय अभिभावक सीआरपीएफ जवानों की इस पहल की प्रशंसा कर रहे हैं.
सीआरपीएफ बटालियन के जवानों ने लोहरदगा जिले के साथ साथ सीमावर्ती गुमला जिले के स्थित स्कूल में भी बच्चों को पढ़ाने का काम किया है. सीआरपीएफ के जवानों ने जिले के अन्य बंद पड़े विद्यालयों में भी बच्चों की पढ़ाई लिखाई में सहयोग की बात कही है.
सीआरपीएफ के जवान बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर
सीआरपीएफ के जवानों की इस पहल की हर ओर प्रशंसा हो रही है. कुछ घंटे सीआरपीएफ के जवानों द्वारा बच्चों को पढ़ाने से ना सिर्फ उनका भविष्य बच पा रहा है, बल्कि अभिभावक जवानों के इस पहल को लेकर उनका धन्यवाद कर रहे हैं. पारा शिक्षकों के आंदोलन के विपरीत सीआरपीएफ के जवान बच्चों के भविष्य को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे हैं.
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