
NewDelhi : गोवा में राजनीतिक रस्साकशी जारी है. सीएम पर्रिकर के बीमार होने पर कांग्रेस यहां अपनी सरकार बनाने का सपना देख रही थी, लेकिन अब बाजी पलट गयी है. बता दें कि कांग्रेस के दो विधायक भाजपाई हो गये है. दोनों कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गये है. बदलते घटनाक्रम में अब कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी नहीं रही. गोवा में सरकार बनाने की कांग्रेस की कोशिश धराशायी हो गयी है. इतना ही नहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के तीन और विधायक भाजपा के संपर्क में हैं, जो कभी भी भाजपा जॉइन कर सकते हैं. जान लें कि छह बार विधायक रहे सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोप्ते ने मंगलवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस छोड़ दी. इसके बाद वे दिल्ली आये. यहां केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में दोनों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गयी. भाजपा सूत्रों ने बताया है तीन और कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल होने की कतार में हैं. संकेत दिया गया है कि ये तीनों विधायक भी दल बदल सकते हैं.
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विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के पास 14-14 विधायक
वर्तमान में 38 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के पास 14-14 विधायक हैं. साथ ही 3-3 सीटों वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी और तीन निर्दलीय पर्रिकर सरकार का समर्थन कर रहे हैं. विधानसभा में एनसीपी का भी एक सदस्य है. इससे पूर्व कांग्रेस के दोनों विधायक मंगलवार सुबह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचे. शाह के आवास पर हुई बैठक में दोनों विधायकों के अवाला गोवा भाजपा के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर और मंत्री विनायक राणे भी बैठक में थे. सूत्रों का कहना है कि सत्ताधारी भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनने के लिए अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने की कवायद में है. इस येाजना में पर्रिकर के उत्तराधिकारी बनने के इच्छुक विश्वजीत राणे की महत्वपूर्ण भूमिका है.




