
Palamu: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पलामू की टीम ने इस वर्ष में अपनी पहली कार्रवाई की है. जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में हल्का नंबर 6 के कर्मचारी धीरेन्द्र दीक्षित को 10 हजार रूपए रिश्वत लेते मंगलवार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया. हल्का कर्मचारी जमीन के म्युटेशन के एवज में घूस की राशि ले रहा था. गिरफ्तार करने के बाद हल्का कर्मचारी को एसीबी कार्यालय लाया गया, यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बताते चलें कि वर्ष 2023 में एसीबी पलामू ने अपना पहला ट्रैप केस पूरा किया है. पिछले वर्ष 2022 में एसीबी पलामू ने 12 ट्रैप केस को पूरा किया था.
इसे भी पढ़ें: 16.34 करोड़ जमा करने की शर्त पर मिड डे मील घोटले के मास्टरमाइंड संजय तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पलामू के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के पुरनाडीह निवासी रामाशंकर सिंह के द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से आवेदन दिया गया था. इसमें कहा गया था कि इनकी माता जी ने 27.5.1998 में ग्राम बैरिया में एक जमीन खरीदी थी, जिसका म्युटेशन नहीं हुआ था. इसका केवाला संख्या 5426 और 5427 है. यह लेस्लीगंज ब्लॉक के हल्का नंबर 6 में पड़ता है. हल्का 6 के कर्मचारी धीरेन्द्र दीक्षित से मिलने पर उन्हांने पहले ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा. आवेदन के उपरांत रामाशंकर सिंह ने कर्मचारी को दस्तावेज दिए. कर्मचारी के द्वारा कहा गया कि प्रति केवाला 12 हजार रूपए लगेंगे. इस पर रामाशंकर ने कहा कि सरकारी रसीद मिलेगी, कर्मचारी ने इससे मना किया और कहा कि इतना म्युटेशन का लगता है, दीजिएगा तभी होगा नहीं तो नहीं होगा. रामाशंकर सिंह घूस नहीं देना चाहते थे. उन्होंने इसकी शिकायत एसीबी कार्यालय में की. शिकायत के आलोक में जांच की गई. कांड दर्ज किया गया. इसके बाद धावादल का गठन कर आरोपी हल्का कर्मचारी धीरेन्द्र दीक्षित को 10 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.




