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Bokaro 23 November: जिले के चास स्थित बांधडीह रेलवे साइडिंग से उड़ने वाले धूल से साइडिंग के बगल में प्राथमिक विद्यालय बासा में पढ़ने वाले बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. स्कूल के बच्चे हर वक्त सर्दी, खांसी से प्रभावित रहते है. पहले बच्चों की खांसी दो-तीन दिन में ठीक हो जाती थी, लेकिन अब महीनों तक बच्चे परेशान रहते है. जिससे उनकी पढ़ाई तो प्रभावित होती है. वहीं स्कूल में काफी धूल जमा होने से हर दिन उनका ड्रेस भी गंदा हो जाता है, स्कूल के शिक्षकों को भी धूल में पढ़ाने में काफी दिक्कत होती है. शिक्षक रेलवे साइडिंग की शिकायत इलेक्ट्रोस्टील कंपनी को कर चुके है, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं किया है.
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हर दिन साइडिंग में लगा रहता है कोयला-आयरन ओर रैक
बांधडीह रेलवे साइडिंग में हर दिन इलेक्ट्रोस्टील कंपनी के लिये तीन से चार रैक पहुंचता है. जिसे खाली करने में जेसीबी लगे रहते है, करीब 100 से अधिक हाइवा ढुलाई के काम में लगे है. साइडिंग में पानी नहीं डालने के कारण धूल का गुबार उड़ता रहता है, जो सीधे स्कूल तक पहुंच जाता है.
मीड डे मील बनाने में होती है दिक्कत
स्कूल के किचन शेड के अंदर भी धूल पहुंच जाता है. किचन शेड में खाना बनाने वाली महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं खाना खिलाते वक्त भी बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाता है. ताकि बच्चों का स्वास्थ्य पर धूल का बुरा असर ना पड़े. लेकिन हर वक्त स्कूल तक पहुंचने वाले धूल कण से बच्चे काफी प्रभावित हो रहे हैं.
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