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Lucknow, 23 NOVEMBER : विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह पर वर्ष 1990 में अयोध्या में निहत्थे कार सेवकों पर गोली चलवाकर उनकी जान लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल में डालने की मांग की है. विहिप के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने आज यहां एक बयान में कहा कि सपा संस्थापक और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम बार-बार कह रहे हैं कि वर्ष 1990 में उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवायी. योगी सरकार इस बयान का संज्ञान लेते हुये उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें तत्काल गिरफ्तार कराये.
मुलायम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अपील की जायेगी – VHP
उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर तथा दो नवम्बर 1990 को अयोध्या में मारे गये रामभक्तों के परिजन से मिलकर भी न्यायालय और राज्य सरकार से मुलायम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अपील की जायेगी. शर्मा ने कहा कि कभी जनरल डायर ने ब्रितानी सत्ता की खातिर पंजाब के जलियांवाला में निहत्थे भारतीय बच्चों, महिलाओं और पुरूषों को गोलियों से भुनवा डाला था. वहीं जघन्य और कायरतापूर्ण अपराध मुलायम ने भी अपनी सत्ता को बचाने और चुनाव में सीटें बढ़वाने के लिये किया है. मुलायम आज वही सीख अपने पुत्र अखिलेश यादव को भी दे रहे हैं.
देश की एकता के लिये कारसेवकों पर गोलियां चलवायी थीं – मुलायम
उन्होंने कहा कि विहिप 24 से 26 नवम्बर के बीच कर्नाटक के उडुप्पी में आयोजित तीन दिवसीय धर्मसंसद में श्रीराम जन्मभूमि के साथ मुलायम के इस जघन्य अपराध की स्वीविकारोक्ति को भी अवश्य उठाएंगी. बता दें कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने कल अपने 79वें जन्मदिन पर लखनऊ में आयोजित समारोह में कहा था कि उन्होंने वर्ष 1990 में अपने मुख्यमंत्रित्व काल में देश की एकता के लिये कारसेवकों पर गोलियां चलवायी थीं. इसमें 28 लोग मारे गये. अगर और मारने होते तो हमारे सुरक्षाबल और मारते.
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को महज 47 सीटें मिलने को ‘शर्म की बात‘ करार देते हुए उन्होंने कहा था कि अयोध्या में गोली चलवाने के बाद भी 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा 105 सीटें जीत गयी थी और फिर उसकी सरकार बन गयी थी.




