
New Delhi/ Ranchi : केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने एनटीपीसी की कुल क्षमता में से 325 मेगावाट क्षमता के पतरातु संयंत्र को हटा दिया है. इससे सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी समूह की स्थापित तथा वाणिज्यिक उत्पादन क्षमता घटकर क्रमश: 51,383 मेगावाट और 50,583 मेगावाट हो गयी है. इससे पहले मई में कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को पतरातु विद्युत उत्पादन निगम लि. (पीवीयूएनएल) की 325 मेगावाट क्षमता के पतरातु तापीय बिजली घर को समूह की कुल क्षमता में जोड़े जाने की सूचना दी थी.
325 मेगावाट क्षमता के पतरातु तापीय बिजली घर को हटा दिया गया
एनटीपीसी ने बंबई शेयर बाजार को आज सोमवार को दी गयी सूचना में कहा कि पीवीयूएनएल के निदेशक मंडल के निर्णय के आधार पर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अखिल भारतीय स्तर पर स्थापित क्षमता के आंकड़े से 325 मेगावाट क्षमता के पतरातु तापीय बिजली घर को हटा दिया है. इससे एनटीपीसी समूह की स्थापित क्षमता 51,708 मेगावाट से घटकर 51,383 मेगावाट और वाणिज्यिक क्षमता 50,908 मेगावाट से कम होकर 50,583 मेगावाट हो गयी है.
अक्तूबर 2015 में पीवीयूएनएल का हुआ था गठन
पतरातु तापीय बिजलीघर के अधिग्रहण तथा उसका परिचालन के लिये एनटीपीसी की अनुषंगी इकाई के रूप में पीवीयूएनएल का गठन अक्तूबर 2015 में हुआ. इसमें 74 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी के पास जबकि शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी झारखंड बिजली वितरण निगम लि. (जेबीवीएनएल) के पास है. झारखंड सरकार ने बिजलीघर की संपत्ति पीवीयूएनएल को स्थानातंरित करने को लेकर एक अप्रैल 2016 को अधिसूचना जारी की थी.




