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Ranchi, 08 November : रिम्स प्रबंधन जिस तरह से वहां की व्यवस्था से लापरवाह रहता है ठीक उसी तरह से यहां के कर्मियों की आये दिन मनमानी देखने को मिलती है. आये दिन रिम्सकर्मियों की मनमानी मरीजों के तीमारदारों को झेलनी पड़ती है. इसे सुधारने की बजाए रिम्स प्रबंधन छुपाने में लगा रहता है. आज भी एक ऐसा ही मामला रिम्स में सामने आया है, जिसमें अस्पताल कर्मियों ने मरीज के परिजनों के साथ मनमाना रवैया अपनाया है. चतरा के लावालौंग के रहने वाले राजेश तुरी के बच्चे आनंद कुमार का पैर टूट गया और पिता बेटे को लेकर रिन्स पहुंचे.
लेकिन वहां इलाज शुरू होने के पहले ही उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा. बच्चे को पिता अपनी गोद में लेकर अस्पताल में हर विभाग के चक्कर काट रहे थे क्योंकि उन्हें ट्रॉली नहीं मिल पायी थी. उन्होंने कर्मियों से इसे लेकर गुहार भी लगायी. लेकिन किसी ने नहीं सुनी.
सुनते नहीं ट्राॅलीमैन
मरीज के परिजनों का कहना है कि ट्राॅलीवाले सुनते ही नहीं हैं. रिम्स में 106 ट्राॅली और 72 ट्राॅलीमैन हैं. इसके बावजूद भी मरीजों को ट्रॉली नहीं मिल पाती है.





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