Uncategorized

देश के 91 प्रमुख जलाशयों में जल संग्रहण स्तर कम हुआ

News Wing

New Delhi, 3 November: देश के 91 प्रमुख जलाशयों में जल संग्रहण का स्तर 109373 बीसीएम आंका गया है जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 69 प्रतिशत है जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, 2 नवंबर 2017 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 109373 बीसीएम जल संग्रहण आंका गया

प्रमुख जलाशयों के जल संग्रहण में एक प्रतिशत की कमी 

यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 69 प्रतिशत है 26 अक्टूबर 2017 को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 70 प्रतिशत था यह इन प्रमुख जलाशयों के जल संग्रहण में एक प्रतिशत की कमी को दर्शाता है. इन 91 जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 157799 बीसीएम है, जो देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 253388 बीसीएम का लगभग 62 प्रतिशत है. इन 91 जलाशयों में से 37 जलाशय ऐसे हैं जो 60 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ पनबिजली संबंधी लाभ देते हैं.

पिछले वर्ष जलाशयों की संग्रहण स्थिति 67 प्रतिशत 

मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान आते हैं. इस क्षेत्र में 1801 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्यूसी) की निगरानी में हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 1314 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 73 प्रतिशत है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 67 प्रतिशत थी.

 

पूर्वी क्षेत्र 

झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा आते हैं. इस क्षेत्र में 1883 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 1481 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 79 प्रतिशत है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 84 प्रतिशत थी.

पश्चिमी क्षेत्र

गुजरात तथा महाराष्ट्र आते हैं. इस क्षेत्र में सीडब्ल्यूसी की निगरानी में 2707 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 2057 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 76 प्रतिशत है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 84 प्रतिशत थी.

मध्य क्षेत्र उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ आते हैं. इस क्षेत्र में 4230 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 2611 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 62 प्रतिशत है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 89 प्रतिशत थी.

दक्षिणी क्षेत्र

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं, कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु आते हैं. इस क्षेत्र में 5159 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 3375 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 65 प्रतिशत है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 47 प्रतिशत थी.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button