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IMA डॉक्टरों की सामाजिक भागीदारी के पक्ष में

नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का मानना है कि सामाजिक भागीदारी मेडिकल पेशे का अहम हिस्सा है। समाजसेवा के जरिए डॉक्टरों को सामाजिक नजरिए से स्वास्थ्य समस्याओं को समझने और अच्छी सेहत के लिए आवश्यक तत्वों के सही इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने का मौका मिलता है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल और जनरल सेक्रेटरी डॉ. आर.एन. टंडन ने संयुक्त रूप से कहा, “श्रमदान का संकल्प महात्मा गांधी से प्रेरित होकर लिया गया है। पहला नियम है टीमवर्क। मिलजुल कर काम करने से सफलता हासिल होती है और जब हर सदस्य को उसकी क्षमता के हिसाब से काम दिया जाता है, तो उसे अपनी अहमियत का पता चलता है।”

उन्होंने कहा कि जिसमें जुनून शामिल होता है, वह बेहतर काम करता है। आईएमए डॉक्टरों में इस सामाजिक साझेदारी के संकल्प को बढ़ावा देना चाहता है और चाहता है कि डॉक्टर सप्ताह में एक घंटा श्रमदान जरूर करें।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि समाज में अपना योगदान देने के लिए हर शुक्रवार को 4 से 5 बजे के बीच डॉक्टरों को श्रमदान देना चाहिए।

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