
Ranchi: झारखंड के प्रभारी डीजीपी रहे और वर्तमान में अग्निशमन तथा गृह रक्षा वाहिनी के डीजी एमवी राव आज सेवानिवृत्त हो गए. जैप वन परिसर में गुरुवार को समारोह आयोजित कर उन्हें विदाई दी गई. 15 मार्च 2020 को उन्हें झारखंड का प्रभारी डीजीपी बनाया गया था. इस पद पर वह 11 माह रहे. 12 फरवरी 2021 को उन्होंने नए डीजीपी नीरज सिन्हा को डीजीपी का पदभार दे दिया था. इसके बाद से ही वे गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन के डीजी के पद पर पदस्थापित थे.
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झारखंड कैडर के 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी एमवी राव की गिनती तेज-तर्रार अधिकारियों में की जाती रही है. वे पूर्व में दो बार रांची के एसएसपी, एसपी गुमला, एसपी हजारीबाग भी रह चुके हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दो बार आइजी बोकारो के आइजी, सीआइडी के एडीजी, पुलिस आधुनिकीकरण कैंप नई दिल्ली में विशेष कार्य पदाधिकारी भी रह चुके हैं. वहां से लौटने के बाद उनका पदस्थापन डीजी होमगार्ड सह अग्निशमन के डीजी के पद पर किया गया था.
लक्ष्मी क्षेत्री की शहादत को याद करते हुए भावुक हुए
एमवी राव ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए लक्ष्मी क्षेत्री को भी याद किया. उन्होंने कहा लक्ष्मी की शहादत से ही भागलपुर मुठभेड़ में उनकी जान बची है. भागलपुर दंगे के समय वह भागलपुर में पदस्थापित थे. संयुक्त बिहार के क्रम में भागलपुर सहित बिहार बक्सर,सीतामढ़ी,रोहतास के भी एसपी रहे हैं.
वही गुमला में नक्सल अभियान में काफी बढ़चढ़ काम एम वी राव ने किया. अपने कार्यकाल में उन्होंने कई अहम योगदान दिए। वही डीजीपी के प्रभार में रहने के दौरान कोरोनाकाल में पुलिसिंग की मिशाल पेश की. मौके पर डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा की एम वी राव के घर मे 3 आईपीएस ऑफिसर है जो बताता है कि कर्मठ पुलिस ऑफिसर बनने के साथ साथ अच्छे पिता का भी फर्ज उन्होंने बखूबी निभाया.
एम वी राव ने अपनी रिटायरमेंट के अवसर पर सभी का धन्यवाद दिया वही उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में 27 पोस्टिंग हुए. उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग के कारण ही वो एक सफल नेतृत्वकर्ता साबित हुए. साथ ही कहा कि सभी सरकार के बेहतर सहयोग भी मिला.वही भागलपुर में मुठभेड़ में लक्ष्मी क्षेत्री की शहादत को याद करते हुए उन्होने कहा कि आज उन्ही के बलिदान के कारण मैं जिंदा हूं. आनेवाले भविष्य के बारे में कहा कि फिलहाल कुछ सोचा नहीं है.




