
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में रिम्स में चिकित्सा के उपकरण खरीदारी मामले में सुनवाई गुरुवार को हुई. इस दौरान रिम्स पक्ष से कहा गया गया कि रिम्स में सीटी स्कैन मशीन अगले माह के प्रथम सप्ताह तक पहुंच जाएगी. दूसरी मशीन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. जल्द ही इसकी प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी.
इस पर चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि रिम्स में सभी संसाधन मौजूद होने चाहिए. यह राज्य का बड़ा अस्पताल है और पूरे राज्य से गरीब यहां इलाज के लिए आते हैं. रिम्स को चाहिए कि यहां की व्यवस्था आउटसोर्सिंग न हो, बल्कि सब कुछ रिम्स का स्थायी हो.
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सुनवाई के दौरान दवाई दोस्त के संचालक की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दवाई दोस्त की दुकान हटा ली गयी है.इस पर रिम्स की ओर से बताया गया कि दवाई दोस्त को रिम्स परिसर में जगह एक साल के लिए दी गई थी. लेकिन उनकी ओर से अवधि विस्तार के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया है.जिसके बाद रिम्स ने उन्हें परिसर खाली करने को कहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि रिम्स इस मामले में अपने स्तर से निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है. लेकिन कोर्ट चाहती है कि रिम्स अपने संसाधनों पर चले. उसे किसी काम के लिए आउट सोर्सिंग नहीं करनी पड़े.
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