।। बुधवार से शुरू होगा टीकाकरण अभियान मिशन इंद्रधनुष ।।
न्यूजविंग, रांची : बच्चों के टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण मिशन इंद्रधनुष बुधवार (7 अक्टूबर, 2015) से शुरू होने जा रहा है। कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के लिए मंगलवार को रांची सदर अस्पताल में प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। अपने कक्ष में सिलिव सर्जन गोपाल श्रीवास्तव ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि लोग बेफिक्र होकर अपने दो साल तक के बच्चों को टीका लगवाने पहुंचें। किसी भी साइड इफेक्ट से निपटने के लिए एक अलग टीम तैनात रहेगी जो ऐसे मामले पर त्वरित हरकत में आ जायेगी। सिविल सर्जन ने कहा, ‘‘कई बार इम्युनाइजेशन (टीकाकरण) के दौरान साइड इफेक्ट के केस देखे गये हैं। जैसे बच्चे को टीका लगाया गया और उसे हल्का बुखार हो गया। इसके लिए हमलोगों ने तैयारी की है। एई किट और इंमरजेंसी दवाईयां के स्टॉक उपलब्ध करवाये गये हैं।’’
उन्होंने बताया कि 7, 9,11,12,14,16 और 19 अक्टूबर को यह कार्यक्रम रांची सहित सात जिलों में चलाया जायेगा। उक्त तारीख को एएनएम सभी मुहल्लों में जायेंगी और बच्चों को टीका लगायेंगी।
मिशन इंद्रधनुष के संबंध में गोपाल श्रीवास्तव ने बताया कि पहले फेज में सात जिलों में यह कार्यक्रम चलाया गया था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह ग्यारह बजे इसकी शुरूआत पुरुलिया रोड स्थित सदर अस्पताल परिसर से होने जा रही है।
सिविल सर्जन ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए हमने माइक्रो प्लान बनाया है। इसमें मोबाइल टीम भी शामिल होगी। जिस प्रखंड में इसकी जरूरत होगी वहां इसे भेजा जाएगा। हमारी कोशिश है कि मोबाइल टीम दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सात दिनों में 14,737 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि पिछली बार वर्ष 2012-13 के सर्वे के अनुसार 12,067 बच्चों को टीका लगाया गया था। इस बार की यह संख्या 14,737 है लेकिन इसको हमलोग 12,067 ही मानकर चल रहे हैं। इसके अलावा वैसे बच्चे जो पिछली बार छूट गये थे उनको भी टीका लगाया जायेगा।
सिविल सर्जन ने पत्रकारों को बताया कि 3,287 गर्भवती महिलाओं की भी पहचान की गयी है जिन्हें टीका लगाया जायेगा। कुछ 677 एएनएम में से 558 को इस कार्यक्रम के साथ जोड़ा गया है। शेष को आपातकालीन सेवाओं के लिए रिजर्व रखा गया है।
सिविल सर्जन गोपाल श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यक्रम के लिए 3139 साइट चिह्नित किये गये हैं। इसके अलावा मोबलाइजेशन टीम में हमारी आंगनबाड़ी सहायिका, सेविका और सहिया बहनें अपना योगदान देंगी। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमने कार्यक्रम की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार प्रसार में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।’’
सिविल सर्जन ने पत्रकारों को बताया कि अगले चार महीनों तक (जनवरी 2016) इन तिथियों में टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जायेगा। इस दौरान हमारी कोशिश होगी कि हम अपना लक्ष्य पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि छूटे हुए बच्चों की अलग सूची बनायी गयी है ताकि इस बार उन्हें टीका लग सके।
कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने बताया कि यह अभियान दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य है कि रूटीन इम्युनाइजेशन में जो बच्चे छूट जाते हैं या ड्रॉप आउट हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को खोजकर मिशन इंद्रधनुष के तहत टीका लगाया जा सके। इसमें जितने भी किस्म के रूटीन वैक्सीनेसन हैं, उसे पूरा किया जायेगा। ये वो बच्चे होते हैं जो दूर दराज के क्षेत्र में रहते हैं। या फिर ऐसे जगहों पर होते हैं जहां हमारी नजर नहीं जाती है। ऐसे बच्चों को टीका लगाने का निर्देश दिया गया है।




