रांची/दुमका : राज्य के कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने रविवार को दुमका के सूचना भवन में प्रमंडल स्तरीय विभाग के कार्यकलापों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कम धान रोपनी वाले जिलों में काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। विभागीय अधिकारियों से मंत्री ने कहा कि वे किसी के दबाब में आकर गलत काम नहीं करें। अगर वे (मंत्री) खुद दबाव दें तो अधिकारी इसे न सुनकर निर्भिक होकर अपने कर्तव्य का पालन करें।
समीक्षा के दौरान श्री सिंह ने कहा कि इस वर्ष जुलाई माह में औसत से अच्छी बारिश हुई है तथा पाकुड़ और साहेबगंज में धान रोपनी लगभग 80 प्रतिशत से अधिक है। दुमका और गोड्डा में 40 प्रतिशत, देवघर में 55 तथा जामताड़ा में इसका अनुपात 60 प्रतिशत होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि वर्षा के अनुरूप अभी भी रोपनी का समय बचा है। अधिकारी व्यक्तिगत रूचि लेकर काम करें। मंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों का कार्य प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा। उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
इधर, मंत्री ने कृषि रथ यात्रा के लंबित विपत्रों का एक सप्ताह के अंदर भुगतान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आवंटन उपलब्ध रहने के बावजूद और काम होने के बाद भी भुगतान लंबित है। श्री सिंह ने कहा कि पदाधिकारी अपने कार्य क्षेत्र में पैक्स, सहकारिता और लैम्पस की भी निगरानी करें। लैम्पस से किसानों का नाम मालूम कर इस बात का पता लगायें कि उन्हें लाभ मिला है या नहीं। किसानों के बीच जायें वहां कार्यशाला का आयोजन करें और उन्हें धान के अलावा दलहन और तेलहन की फसल लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि प्राप्त आवंटन के अनुरूप व्यय नहीं होने पर अधिकारी पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि परती भूमि पर कृषि को बढ़ावा देने की व्यवस्था की जाये और भूमि जांच नियमित रूप से की जानी चाहिए।
साहेबगंज में सरकारी खाद व्यवसायी द्वारा सूचनपट नहीं लगाये जाने की शिकायत सही पाये जाने के बाद वहां के जिला कृषि पदाधिकारी को अविलंब लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया गया। अब किसी भी जिला में सूचनापट नहीं जाने पर व्यवसायी का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा।
विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य के लिए निर्धारित कुल 600 ट्रैक्टरों में संथाल परगना के लिए निर्धारित 194 ट्रैक्टरों का वितरण 15 अगस्त तक पूरा कर दिया जाये। यह सुनिश्चित करें कि कृषि उपकरण बैंक का लाभ किसान अधिक से अधिक संख्या में उठा सकें।
मंत्री ने अधिकारियों को मत्स्य, गव्य विकास सहित पशुपालन के लिए चलायी जा रही सभी योजनाओं में तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण दिये जाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन की विभिन्न योजनाओं में जिनमें गाय, सूअर, बकरी आदि सम्मिलित हैं, उनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार का पक्षपात या मनमाने ढंग से लाभुकों के चयन की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में कृषि निदेशक जटा शंकर चौधरी, भूमि संरक्षण निदेशक राजीव कुमार, प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक कृषि के अलावा संथाल परगना प्रमंडल के सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी के अलावा कई लोग उपस्थित थे।
(सूजसंवि)




