जमशेदपुरः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए कई बड़े प्रस्ताव आते हैं पर हमें यह देखना है कि इससे सिर्फ विकास के टापू नहीं बनें जिसके बाहर चारों ओर गरीबी व बेरोजगारी की खाई हो। उन्होंने कहा कि उद्योगों को अपने आसपास के क्षेत्रों के भी विकास में योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री हेमन्त शनिवार को सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय और सीआईआई के सहयोग से आयेजित 8वें मेगा उद्योग मेला के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक व व्यवासायिक क्षेत्र की समस्याओं का निदान सत्त विमर्ष से ही संभव है। झारखण्ड में विकास की अपार संभावनाएं हंै पर औद्योगिक क्षेत्र के साथ मिल कर इन संसाधनों का सही दोहन राज्य के विकास हेतु किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को अधिक से अधिक लाभ मिले इसके लिए छोटे एवं बड़े उद्योंगों को एक प्लेटफार्म पर आकर विमर्ष करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य में जब भी उद्योगों को प्राथमिकता देने की बात होगी तो पहले राज्य के उद्योगों को प्राथमिकता दी जायेगी, उसके बाद ही बाहरी उद्योगों को। सीआईआई द्वारा टैक्स व वैट में कमी की मांग पर विचार होगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें न्यायोचित हंै तो टैक्स में कमी की जायेगी। उन्होंने जमषेदपुर व आसपास के क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए टाटा कंपनी की सराहना भी की। उन्होंने सरकार और औद्योगिक घरानों के समेकित प्रयास के द्वारा जनता की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आरएस शर्मा ने समावेषी विकास को असली विकास बताया और सीआईआई व उद्योगों को रोजगारन्मुखी प्रतिभा के विकास में सरकार को सहयोग करने की आवष्यता बताई। उन्होंने सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों के उत्पादों के लिए बेहतर मार्केटिंग उपलब्ध कराने का आष्वासन दिया। सूचना प्रौद्योगिकी जैसे ई-गवर्नेंस,ई-भुगतान आदि के माध्यम से सरकारऔर जनता के बीच स्वचालित व त्वरित सम्पर्क स्थापित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उद्योग सचिव वंदना दादेल ने उद्योगों के लिए भूमि की कमी की समस्या को दूर करने में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।




