
Ranchi: हरियाणा में पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा ने कृषि कानून के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली. इसमें महिलाओं के हाथों ट्रैक्टर खिंचवाये जाने की तस्वीर वायरल हुई हैं. झारखंड भाजपा की महिला मोर्चा ने इस पर गुरुवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया.
मोर्चा की आरती कुजूर ने कहा कि महिलाओं के जरिये ट्रैक्टर खिंचवाया जाना शर्मनाक है. यह बंधुआ मजदूरी की जीवंत तस्वीर है. कुछ दिन पहले महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली कांग्रेस का असल चेहरा सामने आ गया है.
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वैचारिक मतभेद के खिलाफ प्रदर्शन सबका अधिकार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के रांची स्थित मुख्यालय में प्रदर्शन करने आयी भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं का पार्टी नेताओं ने स्वागत किया.
प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा कि देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सभी को वैचारिक मतभेद के खिलाफ प्रदर्शन करने का अधिकार है. पर मान्य लोकतांत्रिक परंपरा के तहत किसी दूसरे दल के कार्यालय में जाकर प्रदर्शन करने की परंपरा खासकर झारखण्ड में तो नहीं रही है.
महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दूसरे राजनीतिक दल के कार्यालय में जाकर विरोध प्रदर्शन का दरवाजा खोल दिया है. इसका खामियाजा आने वाले दिनों में भाजपा को ही भुगतना पड़ेगा. हरियाणा में महिलाओं द्वारा काले कृषि कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन इनकी घटिया सोच को दर्शाता है.
110 दिनों से चला आ रहा आंदोलन और 200 से अधिक किसानों की शहादत इन्हें दिखाई नहीं दे रही है. देश के किसान आंदोलनरत हैं और महिलाएं खेतों और खलिहानों को संभाल रही हैं. भाजपा यहाँ प्रदर्शन करके घटिया राजनीति का उदाहरण पेश कर रही है.
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अब भाजपा कार्यालय का भी घेराव
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में सबसे अधिक प्रहार महिलाओं पर ही हुआ है. रसोई महंगी हुई है. दुष्कर्म की घटनाएं बढीं. किसानों के आंदोलन और लाकडाउन में कई जान गयी. ये सब भाजपा को दिखाई नहीं दे रहा है.
आज देश के किसान कृषि कानून के खिलाफ आंदोलनरत हैं. महंगाई से आम जनता में गहरा आक्रोश है. नौकरी से हाथ धोने वाले बेरोजगार तथा रोजगार की तलाश में जुटी युवा पीढ़ी अब आने वाले समय में राजभवन या विधानसभा अथवा प्रमुख चौक चौराहे की जगह भाजपा मुख्यालय के पास जाकर पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन करेगी.
कांग्रेस में भी महिला मोर्चा, छात्र संगठन के रूप में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस और अल्पसंख्यक मोर्चा समेत कई संगठन हैं. आने वाले दिनों में यदि इन संगठनों के कार्यकर्ता भी भाजपा कार्यालय या उनके नेताओं के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं जतानी चाहिए.
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