रांचीः नगड़ी के ग्रामीणों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रांची महानगर सरना प्रार्थना सभा शनिवार को हथियारबंद मार्च निकालेगी. मार्च जयपाल सिंह स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक निकलेगा. यह जानकारी अध्यक्ष शिवा कच्छप ने दी.
इधर, आदिवासी जन परिषद के सदस्य ने नगड़ी के ग्रामीणों के समर्थन में नौ जुलाई को राजभवन के समक्ष धरना देंगे. 17 जुलाई को बिरसा मुंडा समाधि स्थल से राजभवन तक जनाक्रोश मार्च निकाला जायेगा. परिषद के महासचिव प्रेमशाही मुंडा और अभय भुंटकुंवर ने कहा कि परिषद की टीम सात जुलाई को नगड़ी के ग्रामीणों की बैठक में शामिल होगी. कांग्रेस भी इस मुद्दे पर नौ को धरना देगी.
केंद्रीय सरना समिति ने हुई बैठक में नगड़ी में पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा की है. समिति ने सरना झंडा उखाड़े जाने की भी निंदा की. समिति ने मांग की कि गांव के लोगों पर हुए मुकदमे वापस लिया जाये. बैठक में अध्यक्ष अजय तिर्की, विनोद मुंडा, कैलाश प्रसाद, हाबिल तिग्गा आदि मौजूद थे. आदिवासी मूलवासी छात्र मोरचा के कमलेश राम ने भी नगड़ी मामले में सरकार की निंदा की है. कहा, पुलिस गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त रिहा करे.
सीएनटी एक्ट सुरक्षा समिति के प्रभाकर तिर्की ने कहा कि नगड़ी मामले पर झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. शिबू सोरेन को इस मामले में खुद मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए. उप मुख्यमंत्री सुदेश भी बताये ंकि इस समस्या का समाधान कैसे निकलेगा?
झाविमो के ग्रामीण जिला सचिव अजरुन राम ने कहा कि नगड़ी के लोगों की मांग जायज है. आज सरकारी उपेक्षा से नगड़ी के लोगों की स्थिति दयनीय हो गयी है. राज्य सरकार को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए, क्योंकि हर समस्या अपने पीछे समाधान लेकर भी आती है. बुद्धिजीवी भी आगे आये.
अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद ने नगड़ी के ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की है. परिषद ने कहा है कि इस मामले में राज्यपाल हस्तक्षेप करें. परिषद के अध्यक्ष डॉ बिरसा हंस ने कहा कि सरकार गैरमजरुआ जमीन पर शिक्षण संस्थान बनाये न कि नगड़ी की कृषि योग्य भूमि पर.




