
Ranchi: 29 दिसंबर को हेमंत सोरेन सरकार के एक साल पूरे हो गये. प्रदेश भाजपा के अनुसार सालभर में ही जनता बदहाल हो चुकी है. केवल मंत्री औऱ दलाल ही मालामाल हो रहे हैं. मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आय़ोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार को घेरा.
आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि इसने जनता के अरमानों को छला है. संसाधनों और पैसे का अभाव रोने वाली सरकार पैसों का दुरुपयोग करते हुए स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए पैसे फूंक रही है.
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20 साल पीछे हुआ झारखंडः बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अलग राज्य बनने से पहले राज्य में उग्रवादियों, अपराधियों का जिस तरह बोलबाला था, वही तस्वीर फिर से इस सरकार में दिख रही. शाम होते ही दुकानें बंद हो जाती थीं. रंगदारी, मारपीट, हत्या की खबरें सामान्य बात थीं. अभी फिर से यही सब पिछले एक साल में दिखा है. जनता ने अमन चैन औऱ विकासपरक कामों के लिए इस सरकार पर भरोसा जताया था.
पर राज्य में अपराध का ग्राफ भयावह तरीके से बढ़ा है. महिलाओं के खिलाफ 1500 के अधिक केस सामने आ चुके हैं. विधायकों से नक्सली, अपराधी रात के अंधेरे में मिल रहे हैं. पुलिस विभाग में संसाधनों की कमी नहीं होने के बावजूद राज्य में नक्सली, आपराधिक घटनाओं का लगातार सामने आना गंभीर चिंता की बात है.
थाना, अंचलों में करप्शन के केस बढ़े हैं. बिना रिश्वत लिए मामले आगे बढ़ाये ही नहीं जाते. सीएम के पास गृह और अन्य विभाग होने के बावजूद यब सब होना चिंताजनक है.
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होर्डिंग पर ही है सरकार
दीपक प्रकाश ने कहा कि हेमंत सरकार बस होर्डिंग पर ही है. धरातल पर लोगों की उम्मीदों से वह दूर है. स्थापना दिवस कार्यक्रम की बजाय कोरोना से प्रभावित, दुखियारे लोगों की मदद के लिए पैसे खर्च किये जाते तो वह सार्थक होता. विज्ञापनों के जरिये सरकार अपनी विफलता छिपाने में लगी है. किसानों, छात्रों, महिलाओं, युवाओं औऱ दूसरे के हितों के मामले में यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है.
किसानों को यूरिया के लिए कालाबाजारी का सामना करना पड़ा. लोन माफी के नाम पर भी छला गया. धान क्रय मामले में बिचौलियों की चांदी हो रही है. सिदो कान्हू के वंशज की हत्या की जांच के मामले में हेमंत सरकार ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया. युवाओं को एक साल में 5 लाख रोजगार दिये जाने पर धोखा दिया.
ट्रांसफर पोस्टिंग एक उद्योग बना, 1700 लोगों को सालभर में इधर से उधर किया गया. इससे राजस्व की भी क्षति हुई. पत्थलगड़ी समर्थकों पर से केस वापस लेकर औऱ देशद्रोही स्टेन स्वामी मामले में उसका साथ देकर इस सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी. एक साल की अवधि में वर्तमान सरकार राज्य में सबसे बेकार सरकार साबित हुई है.
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