
Ranchi. सत्र की समाप्ति से पहले मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन भाषण में कहा कि सरकार सरना धर्मकोड लागू करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को शीतकालिन सत्र से पहले ही भेजेगी. साथ ही उन्होंने प्रदीप यादव के गैरसरकारी संकल्प का जवाब देते हुए कहा कि सरकार भी आउटसोर्सिंग की समस्या का समाधान और निराकरण अपने कार्यकाल के पहले कर लेगी. अब सरकार आउअसोर्सिंग व्यवस्था को जल्द से जल्द खत्म करने पर विचार करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी और जेएसससी की नियुक्तियां ठोक बजाकर निकाली जाएगी. बहुत ही जल्द बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होंगी. इसके अलावा सीएम ने स्पष्ट किया है कि अनुबंधकर्मियों के लिए एक उच्च स्तरीय कमिटि बनायी गयी है जो अनुबंधकर्मियों के भविष्य को लेकर फैसला करेगी.
पांच हजार करोड़ काट ही लिये जाएंगे तो हम सरकार कैसे चलाएंगे समझ नहीं आ रहा
हेमंत सोरेन ने कहा कि जब हमने 2014 में सत्ता छोड़ा था तब जीरो बकाया था, पिछली सरकार ने हम पर सिर्फ डीवीसी का 5 हजार करोड़ बकाया कर दिया है. अब केंद्र सरकार कह रही है कि हम जीएसटी के राज्यांश से ही 5 हजार करोड़ काट कर डीवीसी को सूद के साथ दे देंगे. जिसपर हम कुछ कर भी नहीं सकते. ऐसे में जब हमें 28 हजार करोड़ के आसपास ही पैसे मिलते हैं उसमें भी 5 हजार काट ही लिये जाएंगे तो हम राज्य कैसे चलाएंगे.
तीसरे दिन 9 विधेयक लाये गये
झारखंड मॉनसून सत्र के अंतिम दिन दूसरी पाली में कुल छह विधेयक लाया गया. जिसमें झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी संशोधन विधेयक, दंड प्रक्रिया संहिता झारखंड संशोधन विधेयक 2020, झारखंड खनिज धारित भूमि पर कोविड 19 महामारी उपकर विधेयक 2020, झारखंड मोटर वाहन करारोपन संशोधन विधेयक 2020, झारखंड राज्य भौतिक चिकित्सा फिजियोथेरेपी परिषद विधेयक 2020, झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2020, झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2020 और झारखंड मूल्यवर्द्धित कर विधेयक 2020 शामिल हैं. इसके अलावा विधायकों द्वारा कुल 17 गैर सरकारी संकल्प लाया गया.
कोरोना को लेकर प्राइवेट व्यवस्था सरकार के नियंत्रण में नहीं: प्रदीप यादव
कोरोना पर चर्चा के दौरान प्रदीप यादव ने कहा कि कोरोना को लेकर प्राइवेट व्यवस्था सरकार के नियंत्रण में नहीं है. निर्धारित दर होने के बाद भी प्राइवेट अस्पताल गरीबों का दोहन कर रहे हैं. सरकार को इस दिशा में पहल कर नियंत्रण मे लेना चाहिये. इसके अलावा उन्होंने देवघर में कोरोना टेस्टिंग लैबोरेटरी स्थापित करने की मांग की. प्रदीप यादव ने कहा कि शुरुआत में कोरोना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गयी. साथ ही प्रदीप यादव ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना के संक्रमण की दर कम हैं, वहां के स्कूलों को फिर से खोला जाना चाहिये.
रिम्स में डॉक्टर बाहर से ही पूछते हैं सब ठीक हैं न हमें अपनी जांच खुद से करनी पड़ी
विधायक सीपी सिंह ने कहा कि रिम्स में कोरोना की व्यवस्था बहुत ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि जब वे कोरोना संक्रमित होकर रिम्स में एडमिट थे. तब उन्हें खुद से ही अपने ब्लड सुगर जैसे चीजों की जांच करनी पड़ रही थी. सिर्फ एक नर्स आती थी. डॉक्टर बाहर से ही पूछते थे कि सब ठीक है न. साथ ही उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती. इसके अलावा अमित महतो ने कोविड अस्पतालों में तीन टाइम सही खाने की व्यवस्था करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल को छोड़कर अनुमंडल अस्पतालों में खाने की व्यवस्था नहीं है. कोई पदाधिकारी इसकी जिम्मेवारी नहीं ले रहा. वहीं लंबोदर महतो ने पोस्ट कोविड केयर सेंटर की स्थापना करने की बात कही.




