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लगातार 20वें दिन तेल की कीमतों में उछाल, दिल्ली में दो साल में पहली बार पेट्रोल 80 रुपये के पार

एक दिन पहले ही डीजल पार कर चुका 80 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा

New Delhi: कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चौपट हो चुकी अर्थव्यवस्था के बीच तेल की कीमतों में इजाफा जारी है. लगातार 20वें दिन पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम दो साल में पहली बार 80 रुपये प्रति लीटर के पार हो गए हैं. पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों ने शुक्रवार को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की.

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दिल्ली में पेट्रोल 80 रुपये के पार

पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों की कीमतों को लेकर अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल कीमतों में जहां 21 पैसे प्रति लीटर की और बढ़ोतरी की गई है, वहीं डीजल के दाम 17 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं.


दिल्ली में अब पेट्रोल का दाम 79.92 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 80.13 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं डीजल कीमतें 80.02 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 80.19 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. वाहन ईंधन के दाम देशभर में बढ़ाए गए हैं, लेकिन लोकल सेल टैक्स या वैट की वजह से विभिन्न राज्यों में इनकी कीमतों में अंतर होता है.

मुंबई में पेट्रोल का दाम 86.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल 78.51 रुपये प्रति लीटर हो गया है. दिल्ली में पेट्रोल कीमतें दो साल में पहली बार 80 रुपये प्रति लीटर के पर निकली हैं. वहीं डीजल के दाम इस समय अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर हैं. सितंबर, 2018 में पेट्रोल 80 रुपये प्रति लीटर के पर गया था.

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लगातार 20वें दिन बढ़ी कीमत

शुक्रवार को डीजल कीमतों में जहां लगातार 20वें दिन बढ़ोतरी हुई है, वहीं तीन सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल के दाम 19 बार बढ़ाए गए हैं. सात जून से पेट्रोल 8.87 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं इस दौरान डीजल कीमतों में 10.8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.

बता दें कि पेट्रोल-डीजल राज्य और केंद्र सरकारों के लिए कमाई के मोटे स्रोत होते हैं. मई में ही केंद्र सरकार ने भी पेट्रोल पर एक्साइज में 10 रुपये लीटर और डीजल पर एक्साइज में 13 रुपये लीटर की सीधे बढ़त कर दी थी. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है, इसके बावजूद तेल कंपनियां अपना मार्जिन सुधारने के लिए कीमतें लगातार बढ़ा रही हैं. भारतीय कंपनियों ने कच्चा तेल काफी पहले ही खरीद कर स्टोर कर लिया था और इसकी वजह से उन्हें इन्वेंट्री लॉस काफी ज्यादा हो रहा है. इंडियन ऑयल को पिछले 4 साल में पहली बार भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है.

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