
Ranchi : झारखंड में अब जमीन की मापी के लिए सरकार फीस बढ़ाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए शुरूआत में जमीन मापी के लिए फीस तय करने की प्रक्रिया को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके तहत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक जमीन मापी के लिए आमीन का एक दिन का फीस 1000 रूपये तय करने का प्रस्ताव बनाया है.
राज्य के सभी जिलों के अंचलों में सरकारी अमीन, उजरत भोगी अमीन व बाह्य स्त्रोतों से रखे गये अमीनों से मापी व सीमांकन का कार्य कराया जाता है. भूमि सीमांकन या मापी के लिए अमीन फीस या पारिश्रमिक की राशि प्रति मापी दिवस के हिसाब से भुगतान की जाती है.
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अब तक क्या है नियम
अभी जमीन नापी के लिए फीस के लिए जो नियम बना है, उसके मुताबिक जमीन मापी के लिए लोगों को अमीन के एक दिन के वेतन के बराबर फीस देना होता है. झारखंड में अलग-अलग जिलों के अंचलों में अमीन की फीस अलग-अलग होती थी. कहीं कम कहीं ज्यादा.
झारखंड में सरकारी अमीन के पद खाली
झारखंड में सभी जिलों के अंचलों के लिए एक-एक पद तय है. यहां पर आधे से अधिक अंचलों में सरकारी अमीन के पद खाली हो गये हैं. एक अमीन के जिम्मे कई प्रखंडों का काम लिया जायेगा.
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नये प्रस्ताव के बाद कांट्रैक्ट पर भरी जा सकेगी खाली पद
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नये प्रस्ताव के तहत अमीन के वेतन के अनुसार जमीन मापी की बाध्यता खत्म हो जायेगी. इसी के साथ सरकार अमीन के खाली पदों को कम वेतन में कांट्रैक्ट पर भर सकेगी. इससे सरकार के राजस्व में इजाफा भी होगा.
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हर दो साल में होगी फीस में 10 फीसदी की बढोतरी
नया प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अमीनों के वेतन बढ़े या ना बढ़े, मगर जमीन मापी के लिए ली जाने वाली फीस बढाने का रास्ता भी साफ हो जायेगा. 1000 रुपये फीस प्रतिदिन करने के साथ ही हर दो साल के अंतराल में उसमें 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने का भी प्रस्ताव है.
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