
Ranchi : बीएड कॉलेजों के एफलिशिएशन को लेकर विनोबा भावे विश्वविद्यालय एकतरफा निर्णय ले रहा है.
अभी विनोबा भावे विश्वविद्यालय के तहत आने वाले दर्जनों बीएड कॉलेजों को एफलिशिएशन की प्रक्रिया चल रही है. विश्वविद्यालय की ओर से बीएड कॉलेजों को डेढ़ लाख रुपये देकर वेरिफिकेशन लेने को कहा है.
हालांकि कॉलेजों को एफलिशिएशन को लेकर पटना हाइकोर्ट के उस आदेश को भी विवि नहीं मान रहा जिसमें कहा गया कि एनसीटीइ की ओर से स्थायी मान्यता मिलने के बाद विश्वविद्यालय बीएड कॉलेजों को स्थायी मान्यता देने से मना नहीं कर सकती है.
क्या है नियम
किस भी संस्थान को बीएड या एमएड कोर्स चलाने के लिए केंद्र स्तर पर एनसीटीई मान्यता और राज्य स्तर पर संबंधित विवि से एफलिशिएशन लेना होता है.
एनसीटीइ के क्लाउज संख्या 4 के मुताबिक एनसीटीई से स्थायी मान्यता मिल जाने के बाद अगर कॉलेज सभी शर्तों को पूरा करता है तो विवि को स्थायी एफलिशिएशन देना है.
पटना हाइकोर्ट की ओर से इसी नियम के आलोक में आदेश दिया गया है.
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दो दर्जन से अधिक कॉलेज हो रहे प्रभावित
विश्वविद्यालय की ओर से एफलिशिएशन के इस आदेश पर विभिन्न बीएड कॉलेजों ने बताया कि डेढ़ लाख रुपये एफलिशिएशन फीस लेकर विवि की ओर से बीएड कॉलेजों का निरीक्षण किया जाता है.
इसी निरिक्षण के आधार पर बीएड कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र का एफलिशिएशन मिलता है. बीएड कॉलेजों का कहना है कि जब पहली बार विवि की ओर से निरीक्षण कर एफलिशिएशन दिया गया तभी विवि ने कॉलेज के भवन, लाइब्रेरी, क्लास रूम और शिक्षकों की संख्या की जांच कर ली.
ऐसे में इन्हीं चीजों की जांच हर साल करने का क्या मतलब होता है. विवि के इस रवैये से दो दर्जन से अधिक बीएड कॉलेजों को परेशानी हो रही है.
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तीन श्रेणी में मिलता है बीएड कॉलेजों को एफलिशिएशन
विभिन्न कैटेगरी के तहत बीएड कॉलेजों को एफलिशिएशन देने का नियम 26 जुलाई 2017 से ही लागू है. यह नियम विवि के एफलिशिएशन एंड न्यू टीचिंग प्रोग्राम कमिटी की ओर से लिया गया है.
बैठक के बाद लिये गये निर्णय में कहा गया है कि नये शुरू किये गये बीएड कॉलेज को एक साल का एफलिशिएशन दिया जायेगा.
वहीं वैसे बीएड कॉलेज जिसने विश्वविद्यालय के तमाम शर्तों को पूरा करते हुए एक शैक्षणिक सत्र पूरा कर लिया है, उन्हें तीन साल का एफलिशिएशन दिया जायेगा.
इसके अलावा जिन्होंने तीन शैक्षणिक सत्र पूरा कर लिया है उन्हें स्थायी मान्यता देने का प्रावधान है.
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