
Kochi: सबरीमला में हंगामा होने के आसार है. दरअसल भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में पूजा करने के लिए मंगलवार को यहां पहुंच रही है.
देसाई और कुछ अन्य कार्यकर्ता मंगलवार को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी जहां से उन्हें कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्तालय में ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवम्बर को वे लोग मंदिर में पूजा करना चाहेंगी.
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Women’s rights activist Trupti Desai at Kochi, early morning today: We’ll visit #Sabarimala temple today on Constitution Day. Neither state government nor police can stop us from visiting the temple. Whether we get security or not we will visit the temple today. pic.twitter.com/7f4WMK6opI
— ANI (@ANI) November 26, 2019
वो पठानमथिट्टा जा रही हैं. तृप्ति देसाई के साथ पिछले साल सबरीमाला मंदिर जाने वाली महिला बिंदु अम्मिनी भी हैं.
देसाई ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 2018 में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने के आदेश के साथ वह यहां पहुंची हैं. महिला कार्यकर्ता ने कहा, ‘ मैं मंदिर में पूजा करने के बाद ही केरल से जाऊंगी.’
खबर है कि तृप्ति देसाई के साथ 5 अन्य महिलाएं हैं जो सबरीमला मंदिर जाने की तैयारी में हैं. इन सभी का कहना है कि वे मंदिर जाने के लिए पुलिस से सुरक्षा की मांग करेंगी.
कोच्चि में बिंदु अम्मिनी पर हमला !
खबर है कि मंगलवार सुबह कोच्चि आयुक्त कार्यालय के बाहर कथित तौर पर बिंदु अम्मिनी पर हमले की खबर है. एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बिंदु अम्मिनी पर लाल मिर्च पाउडर फेंके जाने की बात कही जा रही है.
Kerala: Bindu Ammini, one of the two women who first entered the #Sabarimala temple in January this year, says, “a man sprayed chilli and pepper at my face,”outside Ernakulam city police commissioner’s office today morning. pic.twitter.com/lt2M58264k
— ANI (@ANI) November 26, 2019
बिंदु अम्मिनी का आरोप है कि उनपर मिर्च पाउडर फेंकेने वाले को सुरक्षा दी जा रही है. उन्हें नहीं. वीडियो में बिंदु और उसे रोकने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच गरमा गरम बहस को भी दिखाया गया है.
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सुप्रीम कोर्ट में है मामला
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की गयी है. लेकिन रिव्यू पेटिशन पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच फैसला नहीं सुना पाई. अब ये मामला बड़ी बेंच को सौंप दिया है.
इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने महिलाओं की सबरीमला मंदिर में एंट्री की इजाजत दे दी थी. जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 के अपने फैसले को कायम रखा था. हालांकि, इस फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पेटिशन पर सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला बड़ी बेंच को सौंप दिया है. लेकिन फिलहाल मंदिर में कोर्ट के पुराने फैसले के मुताबिक महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी.
याद दिला दे कि पुणे की रहने वाली तृप्ति देसाई ने पिछले साल नवम्बर में भी मंदिर में दर्शन करने का एक असफल प्रयास किया था.
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