
Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट के नये चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने हाइकोर्ट के 13वें चीफ जस्टिस के रूप शपथ ली. बता दें कि रविवार को राजभवन में बिरसा मंडप में आयोजित एक सादे समारोह में उन्हें राज्यपाल द्रौपदी मूर्मू ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी.
बता दें कि जस्टिस रवि रंजन इससे पहले पंजाब हरियाणा कोर्ट के जज थे. जस्टिस रवि रंजन पटना हाई कोर्ट से स्थानांतरित होकर पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट गये थे. 13 नवंबर को जस्टिस डॉ रवि रंजन झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर से नियुक्ति वारंट जारी किया गया था.
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मई 2019 से चीफ जस्टिस का पद खाली था
झारखंड हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाये जाने के बाद मई 2019 से चीफ जस्टिस का पद खाली था. इसके बाद जस्टिस प्रशांत कुमार को एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाया गया था. कुछ दिनों पहले उनका निधन हो गया.
इसके बाद से जस्टिस एचसी मिश्र को झारखंड हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस मुख्य पद पर पदस्थापित किया गया था. 6 महीने के बाद जस्टिस रवि रंजन हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में पदस्थापित हुए.
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केंद्र सरकार ने जारी कि थी अधिसूचना
पटना हाइकोर्ट के तत्कालीन जज तथा मौजूदा पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ रवि रंजन को झारखंड हाइकोर्ट का बनाया गया है. केंद्र सरकार ने इसकी 13 नवंबर को अधिसूचना जारी कर दी थी. डॉ रवि रंजन 9 से 11 अगस्त 2018 तथा 2 से 16 नबम्बर 2018 के बीच पटना हाइकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश भी रहे हैं. पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने इनका स्थानांतरण पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट कर दिया था.
डॉ रवि रंजन का पटना जिला में हुआ है जन्म
पटना जिला के बिहटा स्थित अमहरा में 20 दिसम्बर 1960 में जन्मे जस्टिस डॉ रवि रंजन ने पीयू से भूगर्भ शास्त्र से एमएससी करने के बाद पटना लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली. 4 दिसम्बर 1990 से वकालत की शुरुआत की. इसके पूर्व वे बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में पार्ट टाइम लेक्चरर थे.
पटना हाइकोर्ट में वकालत के दौरान अक्टूबर 1997 से 25 जून 2004 तक वे भारत सरकार के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल के पद पर रहे. 26 जून 2004 को केंद्र सरकार ने इन्हें पटना हाइकोर्ट में सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल बनाया. 14 जुलाई 2008 को हाइकोर्ट में एडिशनल जज के रूप में नियुक्त हुए.
16 जनवरी 2010 को इन्हें हाइकोर्ट में स्थाई जज बनाया गया. 17 नवम्बर 2018 को पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट में शपथ ली.
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