
Saurav Singh
Ranchi: राजधानी रांची का तुपुदाना इलाका पीएलएफआइ के उग्रवादियों का नया ठिकाना बन गया है. पिछले दो से तीन सालों में संगठन से जुड़े उग्रवादियों की तुपुदाना क्षेत्र से हो रही गिरफ्तारी और विस्फोटक की बरामदगी से यह सवाल जोरों से चर्चा में आ गया है.
हाल के दिनों मे जिस तरह से तुपुदाना में पीएलएफआइ उग्रवादी की गिरफ्तारी हुई है, उससे यह तय है कि वे अपनी पहचान छुपाकर यहां मजदूर बनकर रह रहे थे.
पिछले छह-सात सालों से पीएलएफआइ उग्रवादी सक्रिय हैं
तुपुदाना इलाके में पिछले छह-सात सालों से पीएलएफआइ के उग्रवादी सक्रिय हैं. शुरू में उग्रवादियों द्वारा सिर्फ क्रशर व्यवसायियों से लेवी वसूला जाता था.
वर्ष 2014 में खूंटी, गुमला व सिमडेगा में पीएलएफआइ के खिलाफ अभियान तेज होने के कारण संगठन के उग्रवादी परेशान होने लगे और सुरक्षित ठिकाना खोजने लगे थे.
संगठन के उग्रवादी छिपने के लिए तुपुदाना इलाके में आकर रहने लगें. यहां रहते हुए इन उग्रवादियों ने लेवी वसूली का काम भी शुरू कर दिया.
इसे भी पढ़ें- #Kolhan में मची है भागम-भाग, कुणाल ही नहीं, कई नेता बदल रहे पार्टी, मझधार में बन्ना गुप्ता
अन्य इलाकों से भागकर तुपुदाना को ठिकाना बना रहे हैं उग्रवादी
तुपुदाना का सीमाना इलाका पीएलएफआइ उग्रवादियों का सुरक्षित ठिकाना रहा है. गुमला, खूंटी, सरायकेला सहित अन्य इलाकों से भागकर ऐस उग्रवादी मजदूर के वेश में छुपकर रहते हैं.
तुपुदाना के पुराने हुलहुंडू, बेरमाद, बालसिरिंग, जोजोडीह, चोरटोंग, गुटिय, कटहल टोली सहित अन्य गावों में उग्रवादी अपना ठिकाना बनाते हैं. कुख्यात उग्रवादी जेठा कच्छप सहित कई पीएलएफआइ के कमांडर तुपुदाना के इलाके से पकड़े गये हैं.
व्यवसायियों व जमीन कारोबारियों से वसूल रहे लेवी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएलएफआइ के उग्रवादियों ने तुपुदाना इलाके के क्रशर व्यापारियों, तुपुदाना स्थित इंडस्ट्रियल एरिया के कारोबारियों, जमीन कारोबारियों और बालू व्यवसाय से जुड़े कई लोगों के लिए लेवी लेते हैं.
कई कारोबारियों ने हर माह बंधी-बंधाई रकम की लेवी देना शुरू भी कर दिया है. उग्रवादियों द्वारा क्रशर व्यवसायियों से 5 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह, बड़े व्यवसायियों व जमीन कारोबारियों से 20 से 50 हजार रुपये हर महीने तक की लेवी की वसूली की जा रही है.
लेवी नहीं देने पर उग्रवादियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है. इसके डर से व्यवसायी लेवी दे देते हैं. यहां तक कि वे पुलिस के पास जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने से भी डरते हैं.
इसे भी पढ़ें- #ODF पलामू का सच : यहां रेलवे ट्रैक ही है ‘सामुदायिक शौचालय’, ट्रेन से कटकर चली गयी थी तीन की जान
पुलिस आदेश का मकान मालिक नहीं कर रहे पालन
पहचान छिपाकर नक्सलियों और नक्सल समर्थक के रहने की बात सामने आने पर रांची पुलिस समेत राज्य के अन्य जिलों की पुलिस के द्वारा मकान मालिक को कड़े निर्देश दिये गये हैं.
मकान मालिक को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जिन्हें वह घर किराये पर दे रहे हैं, उनके वोटर आइडी, गारंटर समेत कई अन्य डॉक्यूमेंट की जांच कर लें. इसके अलावा स्थानीय लोग जो पिछले कई सालों से उन्हें जानते हैं, उनसे भी जानकारी लें. इतना ही नहीं, मकान मालिक किरायेदार का विस्तृत विवरण भी थाने में जमा करें.
अगर कोई मकान मालिक इसका पालन नहीं करता है और उसके घर से उग्रवादी या उसके समर्थक पकड़े जाते हैं, तो मकान मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. लेकिन फिर भी मकान मालिकों द्वारा इस नियम का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है.
इसे भी पढ़ें-क्या #PMC की राह पर है दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक, SBI से भी ज्यादा 38 फीसदी हुआ NPA
तुपुदाना क्षेत्र से गिरफ्तार PLFI उग्रवादी और बरामद हुए विस्फोटक
21 अक्टूबर 2019: रांची के तुपुदाना स्थित भारत सेवा आश्रम में खुद को अनाथ बताकर रह रहे माओवादी लालजीत गंझू को हजारीबाग की केरेडारी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया था.
14 सितंबर 2019: रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तुपुदाना और टाटीसिलवे इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है. बरामद विस्फोटकों में डेटोनेटर, कोडेक्स वायर शामिल थे.
29 अगस्त 2019: तुपुदाना पुलिस ने पुराना हुलहुंडू स्थित एक क्रशर के पास किराये के एक घर में मजदूर बनकर रह रहे थे. पीएलएफआइ के तीन उग्रवादियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने वहां छापेमारी की थी. मौके से एक उग्रवादी भी पकड़ा गया, जबकि तीन भागने में सफल रहे. गिरफ्तार उग्रवादी का नाम सदानंद सिंह मुंडा उर्फ सदाई सिंह मुंडा है.
7 अगस्त 2019: रांची पुलिस द्वारा तुपुदाना से एक लाख के इनामी एरिया कमांडर सहित तीन पीएलएफआइ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था.
27 जुलाई 2019: राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र से लेवी लेने आए पीएलएफआइ के चार उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार उग्रवादियों में प्रेम सिंह, सनातन होरो, समीर धनवार और सुरेश मुंडा शामिल थे.
7 फरवरी 2019: तुपुदाना ओपी क्षेत्र के हजाम गांव के पास पीएलएफआइ के पूर्व एरिया कमांडर और अन्य अपराधियों को हथियार खरीद-बिक्री करते हुए रांची पुलिस ने पकड़ा.
26 नवंबर 2018: रांची पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी थी. तुपुदाना ओपी क्षेत्र के डुंडीगढ़ा से रात में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया था. वहीं एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया था.
19 मार्च 2016: बिरसा चौक पर पीएलएफआइ ने बालू सप्लायर प्रमोद महतो की गोली मार कर हत्या कर दी.
29 फरवरी 2016: अपर हटिया की पीठिया टोली में ग्रामीणों ने पीएलएफआइ के कथित नाबालिग उग्रवादी को पकड़ कर पुलिस को सौंपा.
04 अगस्त 2015: तुपुदाना के चोरटांग गांव में मुठभेड़ के बाद एरिया कमांडर जेठा कच्छप गिरफ्तार किया.
15 अगस्त 2015: तुपुदाना ओपी क्षेत्र की खूंटी सीमा स्थित गढ़सूल जंगल में उग्रवादियों की बैठक की सूचना पर छापेमारी की थी.
11 अगस्त 2015: तुपुदाना के डुंडीगाढ़ा स्थित डाबर खान की दुकान से पीलएफआइ के परचे और वर्दी बरामद हुआ था.
06 अप्रैल 2015: तुपुदाना ओपी क्षेत्र से पीएलएफआइ के चार उग्रवादी हथियार के साथ गिरफ्तार हुई थी.




