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#PMModi की #EconomicAdvisoryCouncil से दो सलाहकार हटाये गये, करते रहे थे सरकार की आलोचना

NewDelhi : पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक सलाहकार परिषद् समिति से सरकार की नीतियों की आलोचना करने वाले दो आर्थिक सलाहकार हटा दिये गये हैं. आर्थिक सलाहकार परिषद् के पुनर्गठन के बाद पिछली समिति के सदस्य रहे रथिन रॉय और शामिका रवि नयी समिति में शामिल नहीं किये गये हैं.

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि भारत सरकार ने पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद् का पुनर्गठन किया ह. इसकी अवधि दो साल की होगी और यह 26 सितंबर 2019 से प्रभावी होगी. दो पूर्णकालिक सदस्यों के अलावा समिति में दो अंशकालिक सदस्य भी शामिल किये गये हैं.

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रथिन रॉय राजकोषीय घाटे को लेकर भगवा ब्रिगेड की आलोचना कर चुके हैं

जान लें कि हटाये गये रथिन रॉय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के निदेशक हैं. टेलीग्राफ के अनुसार इससे पहले रथिन रॉय राजकोषीय घाटे को लेकर भगवा ब्रिगेड के रुख की आलोचना कर चुके हैं. रॉय ने विदेशी बाजार से सॉवरन बॉन्ड के जरिये रकम जुटाने की बजट में घोषणा किये जाने पर हाल ही में चिंता व्यक्त की थी. कई एक्सपर्ट ने इस घोषणा से निवेशकों में डर बढ़ने की भी बात कही थी.

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डॉ सुरजीत भल्ला इस साल की शुरुआत में ही समिति से अलग हो गये थे

अन्य सलाहकार शामिक रवि ब्रूकिंग्स इंडिया में डायरेक्ट ऑफ रिसर्च हैं. उन्होंने इस महीने की शुरुआत में मौजूदा आर्थिक मंदी के लिए पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 1993 से कोयला ब्लॉक के आवंटन को रद्द करने  को जिम्मेदार ठहराया था.

इससे पहले समिति के प्रमुख सदस्य डॉ सुरजीत भल्ला इस साल की शुरुआत में ही समिति से अलग हो गये थे. मालूम हो कि आर्थिक सलाहकार परिषद् एक स्वतंत्र इकाई है जो आर्थिक व इससे संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सलाह देती है. मौजूदा समय में इस समिति के चेयरमैन बिबेक एस देबरॉय हैं.

समिति के पुनर्गठन के बाद इसमें रतन पी. वाटल को बरकरार रखा गया है. आशिमा गोयल अंशकालिक सदस्य के रूप में समिति में बनी रहेंगी. सज्जिद चिनॉय को समिति में नये सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. चिनॉय वर्तमान में जेपी मोर्गन में मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री के रूप में काम कर रहे हैं. वह भारत सरकार की तरफ से 15वें वित्त आयोग में सलाहकार परिषद् में काम कर चुके हैं.

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