
Ranchi: केंद्रीय रेशम बोर्ड संपोषित केंद्रीय योजना सिल्क समग्र-2 का झाऱखंड में सफल कार्यान्वयन के लिये उद्योग भवन के सभागार रातू रोड में हस्तकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प निदेशालय, उद्योग विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में केंद्रीय रेशम बोर्ड, बेंगलुरू, कोलकाता, मालदा, बरहमपुर, सीटीआर एंड टीआई, नगड़ी के वैज्ञानिक एवं निदेशालय के तहत पदाधिकारियों व कर्मचारी मौजूद थे. बताया गया कि सिल्क समग्र-2 के तहत झारखंड राज्य में रेशम के विकास के लिये कुल 713.9352 लाख का वर्तमान में केद्रांश की राशि का अनुमोदन प्राप्त हुआ.
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कार्यशाला की अध्यक्षता हस्तकरघा,रेशम एवं हस्तशिल्प की निदेशक आकांक्षा रंजन ने की. मौके पर क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता के संयुक्त सचिव जी सामंता, सीएसबी बेंगलुरू के सहायक सचिव सब्यसाची खान, सीएसआर एंड टीआई के वैज्ञानिक डॉ श्रीनिवासन के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार प्रकट किये. वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के द्वारा वन एवं रेशम निदेशालय के संयुक्त प्रयास से रेशम के होस्ट प्लांटेशन कर तसर उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया गया. कार्यशाला में जेएसएलपीएस एवं प्रदान के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.




