
Ranchi: पानी का टैक्स वसूलने में अफसरों के पसीने छूट रहे हैं. औद्योगिक घरानों और रेलवे से जल संसाधन विभाग पानी के टैक्स की एक भी पाई वसूल नहीं पाया है. जल कर बढ़कर 3000 करोड़ से अधिक हो गया है. विभागीय मंत्री ने कई बार जल कर वसूलने का आदेश भी दिया. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गयी. इसमें कई ऐसी कंपनियां हैं, जो बंद हो चुकी हैं.
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राज्य सरकार ने क्या दिया था आदेश
राज्य सरकार ने आदेश दिया था कि कंपनियों को नोटिस देकर एक निश्चित समय सीमा के अंदर टैक्स का भुगतान करने को कहा जाये. ऐसा नहीं करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कोर्ट में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिये विभाग के अफसरों को उचित कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया था.
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किस कंपनी के पास कितना बकाया
दक्षिणी पूर्वी रेलवे, हटिया- 2.22 करोड़
दक्षिणी पूर्वी रेलवे, मूरी- 1.25 करोड़
एसीसी सीमेंट, झींकपानी- पांच लाख
टाटा स्टील माइंस, नोवामुंडी- 6.81 करोड़
दक्षिणी पूर्व रेलवे, चक्रधरपुर- 10.48 करोड़
सेल गुवा माइंस- 56 लाख
जुपिटर सीमेंट- सात लाख
जिंदल स्टील- 56 लाख
भूषण पावर- 7.32 लाख
इलेक्ट्रो स्टील- 62 हजार
कोहिनूर स्टील- 5.12 करोड़
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आधुनिक स्टील एंड पावर- 3.22 करोड़
पेयजल प्रमंडल, सरायकेला- 31 लाख
एएमएल स्टील- 2.84 करोड़
पेयजल प्रमंडल, जमशेदपुर- 2.55 करोड़
पेयजल प्रमंडल, आदित्यपुर- 2.66 करोड़
बोकारो स्टील प्लांट- 50 लाख
यूरेनियम कॉरपोरेशन- 6.35 करोड़
अभिजीत- 52.23 लाख
कॉरपोरेशन इस्पात- तीन करोड़
यूरेनियम कॉरपोरेशन, तुरामडीह- 2.12 करोड़
टीवीएनएल औद्योगिक- 18.30 करोड़
टीवीएनएल घरेलू- 6.39 करोड़
बोकारो औद्योगिक क्षेत्रीय विकास प्राधिकार- 21 लाख
चंद्रपुरा थर्मल-17.39 लाख
इंलैंड पावर- 78.81 लाख
ब्रह्मपुर मेटालिक्स- 90 लाख
इलेक्ट्रो स्टील- 13.93 करोड़
झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड- 8.76 लाख
एस्सार पावर- 4.30 करोड़
कॉरपोरेट इस्पात- 50 लाख
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