BusinessJamshedpurJharkhand

जमशेदपुर : आदित्यपुर में 25 कंपनियों में लटका ताला, 30 हजार लोग हुए बेरोजगार

Jamshedpur : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की 25 इंडक्शन फर्नेस कंपनियों में गुरुवार से ताला लग गया है. इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 30 हजार लोग बेरोजगार हो गये हैं.

कंपनियां एक तो बढ़ायी गयी बिजली दर को इसका कारण बता रही हैं, वहीं मंदी के दौर में मांग में गिरावट ने भी कंपनियों की कमर तोड़ दी है.

कोल्हान में कंपनियों को बिजली देने वाली झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली दर में 40 फीसदी का इजाफा कर दिया है. इससे वह करीब तीन रुपये प्रति यूनिट से बढकर 5.50 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है.

इसे भी पढ़ें : सुपारी किलिंग ग्रुप में तब्दील होता जा रहा PLFI, सुदेश महतो समेत खूंटी में BJP नेता की हत्या की रच चुका है साजिश 

सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप

रामगढ़ और पतरातू के उद्योगों को डीवीसी बिजली सप्लाई करती है वो भी मात्र 2.95 रुपये प्रति यूनिट की दर से.

कंपनियों का कहना है कि सरकार के दोहरे रवैये से कोल्हान की कंपनियों को 25 से 30 लाख प्रति माह का नुकसान होगा ऐसे में खर्चे को मैनेज करना उनके बस की बात नहीं. कंपनियों ने सवाल किया है कि एक ही राज्य में दो अलग-अलग दरे क्यों लागू की गयी हैं.

कई कंपनियों ने ताला लगाने का नोटिस एक हफ्ता पहले ही चिपका दिया था.

इसे भी पढ़ें : कांग्रेस : अजय कुमार और सुबोधकांत सहाय के समर्थक आपस में भिड़े, पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज, दो गिरफ्तार (देखें वीडियो)

पांच दिन बंद रहेगी टाटा मोटर्स और टाटा हिताची

जुलाई में चार दिन के बंद के बाद अगस्त में भी टाटा मोटर्स और कंमिंस के अलावा निर्माण उपकरण बनाने वाली टाटा हिताची ने भी पांच दिनों के लिए कंपनी को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है.

गाडियों की बिक्री में गिरावट की वजह से टाटा की तीनों कंपनी को ये फैसला लेना पड़ा है. माना ये जा रहा है कि कंपनी सितंबर में भी एक हफ्ते का बंद करने का मन बना रही है.

मंदी के दौर में कंपनी के पास उत्पादन का स्टॉक काफी बढ़ गया है. लिहाजा अब नये उत्पाद को रखने की जगह नहीं है. टाटा मोटर्स, टाटा कंमिंस और टाटा हिताची के एचआर विभाग से जारी इस आदेश के बाद कर्मचारियों में भारी छंटनी की चर्चा भी गर्म है.

इसे भी पढ़ें : उन्नाव रेपकांड  : भाजपा ने आरोपी  विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से  बाहर का रास्ता दिखाया

सीएम का आश्वासन भी बेकार

तीन माह पहले ही औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों के मालिकों ने सीएम से मुलाकात कर समस्या की जानकारी दी थी लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला.

झारखंड औद्यगिक क्षेत्र की उपनिदेशक रंजना मिश्रा का कहना है कि उन्हें पूरे मामले की न जानकारी है न समस्या को लेकर उनके पास कोई आया है. उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वह ले रही हैं और जो समस्या होगी उसे सुलझाने का पूरा प्रयास होगा.

इसे भी पढ़ें : अब दुमका में मॉब लिंचिंग : चोरी के आरोप में शख्स की पीट-पीटकर हत्या

Related Articles

Back to top button