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म्यूटेशन के1,61,330 मामले रिजेक्ट, राजधानी रांची में सबसे अधिक 50738 दावा रिजेक्ट

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  • 90 दिनों में म्यूटेशन की प्रक्रिया करनी है पूरी, दो साल में भी नहीं हो रहा म्यूटेशन
  • अब तक म्यूटेशन के 3,79,333 मामले आये, 1,71,262 का हुआ निपटारा- 46751 मामले हैं अब तक लंबित

Ranchi: झारखंड में म्यूटेशन की रफ्तार धीमी है. नियम है कि अधिकतम 90 दिनों के अंदर सब कुछ सही रहा तो म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी कर दी जानी है. लेकिन दो साल में भी म्यूटेशन नहीं हो पा रहा है. राजधानी में इसके कई ताजा तरीन उदाहरण है.

 

 

रांची में सिरम मौजा के महेश प्रसाद ने वीरेंद्र नाथ पात्रा से जमीन ली. जमीन का खाता नंबर 85 की जगह 84 लिख दिया गया. इसके बाद डीड सुधारा गया. फिर से म्यूटेशन के लिये आवेदन दिया गया. लेकिन दो साल बाद भी म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई. छह बार आवेदन रिजेक्ट भी किया गया. हर बार रिजेक्ट करने के अलग-अलग कारण बताये गये. झारखंड में अब तक कुल 161330 म्यूटेशन के मामले रिजेक्ट किये गये हैं. इसमें राजधानी रांची में सबसे अधिक 50738 दावा रिजेक्ट किया गया है.

म्यूटेशन के कुल 3,79,333 मामले आये

 

भू-राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार झारखंड में सभी जिलों को मिलाकर कुल 379333 मामले म्यूटेशन के आये. इसमें सिर्फ 171262 मामले ही निष्पादित किये गये हैं. 161330 मामलों को रिजेक्ट कर दिया गया. कुल 46751 म्यूटेशन के केस पेंडिंग है. राजधानी रांची में सबसे अधिक 11549 म्यूटेशन के मामले अब भी लंबित हैं.

किस जिले में कितने मामले हैं लंबित

कोडरमा-1664, खूंटी- 761, गढ़वा-2878, गुमला-923, गिरिडीह-2863, गोड्डा-06, चतरा-958, जामताड़ा-21, दुमका-97, देवघर-538, धनबाद-5461, पूर्वी सिंहभूम- 951, पलामू-3844, पश्चिमी सिंहभूम- 491, पाकुड़- 2451, बोकारो- 2369, रांची- 11549, रामगढ़-943, लातेहार- 753, लोहरदगा-432, सरायकेला-खरसांवा- 1210, साहेबगंज- 305, सिमडेगा- 305 और हजारीबाग में 3035 म्यूटेशन के मामले अब तक लंबित हैं.

किस जिले में कितने मामले किये गये रिजेक्ट

सिमडेगा-1210, कोडरमा- 9212, खूंटी- 3825, गढ़वा- 3786, गुमला-1702, गिरिडीह- 9494, गोड्डा-26, चतरा- 9737, जामताड़ा- 78, दुमका-613, लातेहार-1555, लोहरदगा-1527, साहेबगंज- 42, देवघर- 2382, धनबाद- 11633, पूर्वी सिंहभूम- 2782, पलामू-14283, पश्चिमी सिंहभूम- 1441, पाकुड़-1487, बोकारो-6103, रांची- 50738, रामगढ़- 4301, सरायकेला-खरसांवा-5039 और हजारीबाग में 16090 म्यूटेशन के मामले रिजेक्ट किये गये.

सात महीने पहले क्या थी स्थिति

अगस्त 2018 में कुल 2 लाख 86 हजार 307 म्यूटेशन के मामले आये थे. इसमें कुल 1 लाख 18 हजार 302 मामले खारिज कर दिये गये थे. अगस्त 2018 में राजधानी रांची में सबसे 49 हजार 369 मामले लंबित थे. कुल 1 लाख 31 हजार 705 मामले डिस्पोज किये गये थे. अब यह संख्या बढ़कर 171262 हो गई है.

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