
Ranchi: मांडर विधायक बंधु तिर्की ने पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के समय स्किल इंडिया के तहत नौकरी के लिए केरल भेजी गयीं महिलाओं के साथ लॉक डाउन के समय हुए अमानवीय व्यवहार के प्रति चिन्ता जताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है.
उन्होंने कहा है कि केरल से रांची लौटी कामगार महिलाओं को लॉकडाउन के दौरान वेतन न देने का मामला भी सामने आ चुका है. भुक्तभोगी महिलाओं की कहानी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा स्किल इंडिया के नाम पर किये गये घोटाले को उजागर करती है.
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स्किल इंडिया एक घोटला, झारखंडी कामगारों को औनी-पौनी मजदूरी पर राज्य के बाहर भेज दिया गया
बंधु तिर्की ने आगे कहा कि यह काफी चिंतनीय है कि जिन महिलाओं को राज्य से बाहर यह कह कर नौकरी पर ले जाया गया था कि उन्हें प्रतिमाह 8000 की तनख्वाह मिलेगी उन्हें मात्र 4000 तनख्वाह दी गयी.
इतना ही नही उन्हें लॉक डाउन के समय उनके ही छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया. यह बड़े दुख की बात है कि जिन महिलाओं को सम्मान पूर्वक झारखंड से बाहर एक अच्छी जिंदगी के लिए ले जाया गया था उन्हें केरल से झारखंड आने के समय स्टेशन तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा.
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब स्किल इंडिया में हुए घोटाले की व्यापक जांच की जाये और रघुवर सरकार और निजी कंपनियों की सांठ-गांठ से झारखंड को लूटने की कहानी का पर्दाफाश हो.
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