रांची: मंगलवार की तपती दोपहरी जरूर सिहरानेवाली थी, लेकिन हुड़दंगियों की दाल गली नहीं। दिन के करीब डेढ़ बजे विहिप और बजरंग दल के करीब पचास युवाओं ने हनुमान जयंती के अवसर पर डोरंडा से एक जुलूस निकाला। भगवा पट्टी बांधे युवाओं के हाथों में महावीरी झंडे से लेकर लाठी और तलवार तक थे। साथ में लाउडस्पीकर से तेज धुन वाला टेम्पो चल रहा था। जुलूस मेन रोड के इकरा मस्जिद पहुंचा तो लाउडस्पीलकर में से कुछ सांप्रदायिक नारे निकलने लगे। माहौल बिगड़ा। स्थातनीय युवाओं के साथ झड़प। जुलूस में भी हड़कंप। जुलूस के युवा तबतक डेली मार्केट क्रास करते हुए टैक्सी स्टैंड पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ फुटपाथ दुकानदारों की रेहडि़यां तोड़ी। और बदले में हिंसक प्रतिक्रिया.. दोनों ओर से! खैर पुलिसवाले अपने अधिकारियों के साथ पहुंच गए। कुछ वाहनों में तोड़ फोड़, पथराव.. पुलिस ने लाठी चार्ज किया.. आंसू गैस के गोले छोड़े.. ओवरब्रिज से अल्बर्ट एक्का चौक तक तमाम दुकानों पर ताले लग गए। मेन रोड जंग का मैदान बनते बनते बचा। इस दौरान दोनों संप्रदाय की ओर से अमनपसंद लोगों का बीच बचाव भी देखा गया। और मामला शाम होते तक ठंढ़ा पड़ा। प्रशासन को बधाई। लेकिन, यह नौबत ही क्यों आयी?..
कुछ अधिकारियों का कहना है जुलूस के पहले प्रशासन से सहमति नहीं ली गई। भई, फिर भी मेन रोड का मामला है, तमाम पुलिस प्रशासन वाले शुरू से उन हुड़दंगियों को तक रहे थे। क्यों नहीं सचेत हुए? जुलूस के आयोजनकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने प्रशासन को जानकारी दे दी थी। फिर भी मौन रहा प्रशासन?.. आखिर क्या चाहते हैं यहां ये लोग! ..अभी तो यहां चुनाव आने में भी देरी है!!!




