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हर भारतीय को सशक्त करना चाहती है माइक्रोसॉफ्ट : नडेला

नई दिल्ली : माइक्रोसॉफ्ट का भारत में मुख्य ध्यान हर नागरिक और संगठनों को सशक्त करने पर है, ताकि वे अपनी क्षमता से बेहतर प्रदर्शन कर सकें और अपने तथा अपने देश लिए कुछ अधिक हासिल कर सकें। यह बात सोमवार को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला ने यहां कही। माइक्रोसॉफ्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने के बाद तीसरी बार भारत आए नडेला ने कहा, “मुझे यहां भारत में आकर और इस जगह की ऊर्जा और रचनात्मकता को देखकर काफी खुशी मिलती है। मैं सचमुच इससे काफी प्रभावित होता हूं। मैं यहां पला-बढ़ा हूं और प्राय: यहां आता हूं, लेकिन जब भी मैं यहां आता हूं, काफी ऊर्जा लेकर जाता हूं। बड़े सपने देखना और कुछ बड़ा निर्माण करना जरूरी है।”

भारत में जन्मे नडेला यहां माइक्रोसॉफ्ट द्वारा आयोजित ‘बेहतर के लिए प्रौद्योगिकी, भारत के लिए विचार’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

नडेला ने 19वीं सदी के प्रख्यात उर्दू और पारसी शायर मिर्जा गालिब को उद्धृत करते हुए अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा, “दो चीजों से गहरे लगाव ने मेरे सपने को दिशा दी है- कविता और कंप्यूटर साइंस।”

सम्मेलन से पहले वह डेवलपरों, उद्यमियों और विद्यार्थियों से भी मिले।

सम्मेलन के बाद सोमवार को नडेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। मोदी ने ट्वीट पर कहा, “माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र से संबंधित कई मुद्दों पर बात हुई।”

नडेला ने संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भी मुलाकात की। मंत्री ने ट्वीट पर कहा, “आज नडेला मुझसे मिले। डिजिटल इंडिया के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।”

सम्मेलन में मौजूद वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा, “माइक्रोसॉफ्ट देश के विकास का एक मंच है।”

नडेला की ओर देखकर मंत्री ने कहा, “भारत उद्यमिता का इंजन बन सकता है। जिस तरह का नवाचार आप सिएटल, न्यूयॉर्क, लंदन और अन्य जगहों पर करते हैं, वह हजारीबाग के झंडा चौक में काम नहीं करेगा। हमें भारत के लिए भारत में नवाचार करने की जरूरत है।”

सिन्हा हजारीबाग से लोकसभा सांसद हैं।

नडेला ने सम्मेलन में कहा, “आज के युग में जिस दुनिया में आप रहते हैं, जिस दुनिया को आप बदलना चाहते हैं, वह बहुत बड़ी है।”

नडेला से मिलने वाले डेवलपरों में आठ साल का एक बच्चा भी था, जिसने एक गेम का विकास किया है, जिसमें आर्थिक विकास को पर्यावरणीय टिकाऊपन के साथ संतुलित करने की कोशिश की जाती है।

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