न्यूजविंग, रांची: सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा झामुमो विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी के सदस्य सह पार्टी प्रमुख शिबु सोरेन के पुत्र बसंत सोरेन को राज्यसभा के लिए पार्टी का प्रत्याशी चुना गया है। बसंत सोरेन मंगलवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र भरेंगे। आज गुरूजी के मोरहाबादी स्थित आवास पर घंटों चली बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी विधायकों की मौजूदगी में इसकी जानकारी दी गयी। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरने ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के चुनाव में कांग्रेस ने झामुमो के पक्ष में वोट देने की बात कही है। बाद में बसंत सोरेन भी पत्रकारों से रूबरू हुए और कहा कि पार्टी ने उनपर जो विश्वास जताया है उसपर वे खरे उतरेंगे।
‘जगरनाथ महतो को झूठे मामले में फंसाया गया, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे’
प्रेस से बात करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार की शह पर डुमरी के झामुमो विधायक जगरनाथ महतो पर बेबुनियाद आरोप लगाये गये हैं। पार्टी इसका विरोध करेगी। श्री सोरने ने आगे कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की वस्तुस्थिति से अवगत करायेगा और न्याय की मांग करेगा। बताते चलें कि स्थानीय नीति के विरोध में घोषित बंद से एक दिन पहले 13 मई, 2016 को आयोजित मशाल जुलूस को नियंत्रित करने के दौरान कथित रूप से दम घुटने से गंभीर रूप से बीमार हो जाने के बाद इलाज के क्रम में बोकारो के तत्कालीन नवाडीह थाना प्रभारी राम चंद्र राम की की मौत हो गयी थी। इस मामले में जगरनाथ महतो को अभियुक्त बनाया गया है। कुछ अन्य झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। महतो फिलहाल तेनुघाट जेल में बंद हैं।
विधायक से जेल में मिले पार्टी सांसद संजीव
झामुमो सुप्रीमो शिबु का निर्देश मिलने के बाद राज्य सभा सांसद संजीव कुमार सोमवार को तेनुघाट जेल जाकर जगरनाथ महतो से मिले। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार झामुमो के विधायक को झूठे में फंसा रही है संसद में इसका विरोध किया जायेगा। इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह के भी जगरनाथ महतो से मिलने की खबर है।




