नई दिल्ली, 3 फरवरी | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष कई वैधानिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए। फिर भी सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा शुचिता लाने के लिए अभी हमें लम्बी दूरी तय करनी है। राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा था कि सरकार सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और लोगों को बेहतर सेवा प्रदान के लिए सभी वैधानिक एवं प्रशासनिक उपाय करने को प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “इन क्षेत्रों में पिछले एक साल में हम निरंतर आगे बढ़े। हमने संसद में सिटिजन चार्टर विधेयक पेश किया।”
मनमोहन सिंह ने संसद के पिछले सत्र में लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक पारित नहीं किए जा सकने पर अफसोस जताया। लेकिन उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही प्रभावी लोकपाल बनाने में कामयाब होगी।
उन्होंने यह भी कहा, “सरकारी खरीद को नियमित करने के लिए हम कानून बनाने जा रहे हैं। सेवाओं की बेहतर आपूर्ति के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना क्रियान्वित की जा रही है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा शुचिता सुनिश्चित करने के लिए हमें अब भी लम्बी दूरी तय करनी है।” (आईएएनएस)




