मुंबई : वरिष्ठ मराठी पत्रकार व गांधीवादी विचारक वसंत प्रधान नहीं रहे। वह 90 साल के थे और पिछले कुछ समय से वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके परिवार में 90 वर्षीय अधिवक्ता पत्नी किशन, कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बेटी निशिता म्हात्रे और अमेरिका के येल विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक बेटी दीप्ति प्रधान, संगीतकार बेटा अनीष तथा पुत्रवधु शास्त्रीय गायिका शुभा मुद्गल हैं।
वसंत के परिजनों ने सोमवार को बताया कि उनका निधन रविवार को हो गया। उन्होंने खार स्थित अपने घर में आखिरी सांस ली। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।
वसंत का जन्म 16 जनवरी, 1924 को हुआ था। 18 साल की उम्र में वह स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और भारत छोड़ो आंदोलन के वक्त वह जेल भी गए।
बाद में वरिष्ठ पत्रकार दिवंगत जी.एम. चिटनिस के मार्गदर्शन में उन्होंने मराठी दैनिक ‘चित्रा’ से अपने मीडिया करियर की शुरुआत की। वर्ष 1956 में प्रधान और उनकी पत्नी किशन ने मराठी सांध्य ‘जुंजर’ की शुरुआत की, जो 10 साल तक चला।
मराठी दैनिक ‘लोकसत्ता’ से वह 1969 में जुड़े और इसके बाद वर्ष 1984 में सेवानिवृत्त होने तक इससे जुड़े रहे।
वह इंडिन एक्सप्रेस न्यूजपेपर्स (बम्बई) एम्प्लाइज यूनियन के साथ सक्रियता से जुड़े रहे। उन पर कार्रवाई भी की गई, फिर भी वह अपनी सेवानिवृत्ति के बाद करीब 15 साल तक इससे जुड़े रहे।
प्रधान ने श्रमिक कानूनों को लेकर कई किताबें भी लिखीं। वह मणि भवन गांधी पुस्तकालय के अध्यक्ष रहे। साथ ही गांधी स्मारक निधि के मानद सचिव और गांधी फिल्म्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के नाते भी उन्होंने अपनी सेवा दी।




