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Latehar,16October: गारू प्रखण्ड के नक्सलग्रस्त आठ ग्राम कि महिलाएं गोल बंद हो चुकी है. महिलाओं ने यह ठान लिया है कि शराब घर में नहीं बनाएगी और ना ही किसी को बेचने या पीने देंगी.
सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिलाएं
गारू प्रखण्ड के नक्सलग्रस्त कबरी ग्राम के मैदान में रविवार को लाल और सफ़ेद साड़ी पहने तकरीबन 100 कि संख्या में कबरी, सीमा, हेनदेहास, बारीबांध, चिरिया, चापि, महुंदाबर और बरिछापर ग्राम कि महिला शराब बंदी को लेकर गोल बंद हुई. महिलाओं ने ग्राम कि ही बसंती कुजुर, सुभद्रा देवी, किस्मतिया देवी और पूनम देवी के नेतृत्व में बैठक किया.
शराब बंदी जैसा अहम फैसला यदि महिलाओं ने लिया है तो शराब बंदी पूरी तरह से बंद हो जायेगा: सुखदेव भगत
बैठक में निर्णय लिया गया कि उपरोक्त ग्राम कि महिलाएं ना तो घर में शराब बनाएगी और ना ही बेचेगी. वहीं शराब पीने वालों पर भी कार्यवाही आर्थिक दण्ड लगा कर करेगी. महिलाओं ने अपना निर्णय सुनने के लिए अपने स्थानीय जन प्रतिनिधि गारू प्रखण्ड के जिला परिसद सदस्य सुखदेव भगत को गोल बांध हुई. महिलाओं की एक जुटता और बेहतर निर्णय पर श्री भगत ने अपना समर्थन दिया और महिलाओं को कहा कि हर सम्भव मदद दूंगा. वहीं कहा कि शराब बंदी जैसा अहम फैसला यदि महिलाओं ने लिया है तो शराब बंदी पूरी तरह से बंद हो जायेगा.
शराब पीने वालों पर लगेगा आर्थिक दण्ड
महिला नेत्री बसंती कुजुर, सुभद्रा देवी, किस्मतिया देवी और पूनम देवी ने बताया कि शराब बंदी का निर्णय इस लिए लेना पड़ा क्योंकि छोटे छोटे बच्चे शराब पीने लगे है, गांव-घर में शराब पी कर ग्रामीण लड़ रहे है, महिलाओं-लड़कियों से शराब के नशे ने छेड़खानी हो रहा है. जिस कारण शराब बंदी जैसा निर्णय लेना पड़ा. महिलाओं ने वहीं बताया कि देशी महुआ शराब बंद होने के बाद यदि अंग्रेजी शराब किसी के पास से बरामद हुआ या नशे में मिला तो उस पर और उसके परिवार पर आर्थिक दण्ड लगेगा.




